मुजफ्फरनगर। कमिश्नर और डीएम ने उत्तराखंड के मंगलौर में जाकर आक्सीजन प्लांट के अधिकारियों से वार्ता की। जिसमें तय हुुआ अब जनपद मुजफ्फरनगर की लिक्विड आक्सीजन की कटौती नहीं होगी। रोजाना निर्धारित आक्सीजन दी जाएगी। सोमवार को भी रामा गैसेज में 700 सिलिंडरों की रिफिलिंग करके विभिन्न स्थानों को भेजा गया।
मुजफ्फरनगर में बाबा गैसेज हवा से नाइट्रोजन को अलग कर आक्सीजन का निर्माण करता है। इसके अलावा रामा गैसेज और इंडियन गैसेज फिलिंग प्लांट में भी लिक्विड आक्सीजन से सिलिंडरों में आक्सीजन की रिफलिंग होती है। दोनों फिलिंग प्लांट में लिक्विड आक्सीजन की आपूर्ति उत्तराखंड में मंगलौर में लगे आक्सीजन प्लांट से होती है। रविवार को मुजफ्फरनगर का आक्सीजन टैंकर मेरठ भेज दिया गया था, जिसकी जानकारी होने पर केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ संजीव बालियान ने डीएम से बात की तथा प्लांट पर जाकर वहां के अफसरों से वार्ता करने को कहा। सोमवार को कमिश्नर एवी राजमौलि, डीआईजी उपेंद्र अग्रवाल, डीएम सेल्वा कुमारी जे, एडीएम प्रशासन अमित सिंह ने मंगलौर प्लांट पर जाकर अफसरों से वार्ता की, जिसमें स्पष्ट कहा गया कि मुजफ्फरनगर की आपूर्ति की कटौती नहीं होनी चाहिए।
डीएम सेल्वा कुमारी ने बताया कि मीटिंग में तय किया गया कि मुजफ्फरनगर की आपूर्ति रोजाना 7.5 मीट्रिक टन लिक्विड आक्सीजन है, जिसकी सप्लाई नियमित रहेगी। इसमें कोई कटौती नहीं की जाएगी। डीएम ने बताया कि जनपद में आक्सीजन गैस की कोई कमी नहीं है। यहां से हम अन्य जिलों को भी आक्सीजन की आपूर्ति कर रहे हैं।