मस्जिदों में इमाम सहित तीन से पांच लोग ही पढ़ें ईद की नमाज
देवबंद (सहारनपुर)। दारुल उलूम ने ईद-उल-फितर की नमाज को लेकर फतवा जारी किया है। जिसमें मुफ्तियों ने इमाम सहित तीन से पांच लोगोें की जमात के साथ ही ईद की नमाज अदा करने को कहा। अगर जमात न हो सके तो इससे परेशान होने की जरूरत नहीं है। क्योंकि इस तरह के हालात में ईद की नमाज माफ है। उसके स्थान पर नमाज-ए-चाशत अदा कर ली जाए तो बेहतर है।
दारुल उलूम के नायब मोहतमिम मौलाना अब्दुल खालिक मद्रासी ने संस्था के इफ्ता विभाग के मुफ्तियों की खंडपीठ से यह फतवा लिया है। जिसमें उन्होंने सवाल किया कि मुल्क में बीमारी के कारण सरकार ने अहतियात के तौर पर कड़ी पाबंदियां लगाई हुई हैं। इसमें मस्जिदों में भी सिर्फ पांच लोगों को ही नमाज पढ़ने की इजाजत दी गई है। ईद-उल-फितर का त्योहार आने वाला है तो ऐसे में ईद की नमाज अदा करने की शरीयत में क्या हिदायत है। दारुल इफ्ता से जारी फतवे में कहा कि जिन शर्तों के साथ जुमा की नमाज अदा करना जायज है। उन्हीं शर्तों पर ईद की नमाज अदा की जा सकती है। इमाम के साथ तीन या पांच लोग मस्जिद या दूसरी जगहों पर शरीयत की पाबंदियों के साथ नमाज अदा कर सकते हैं।
इस तरह होगी नमाज-ए-चाशत अदा
- दारुल उलूम वक्फ के वरिष्ठ उस्ताद मौलाना नसीम अख्तर शाह कैसर ने बताया की ईद की नमाज अदा न कर पाने की सूरत में चार रकआत नमाज-ए-चाश्त नीयत के साथ अदा की जा सकती है। सूरज निकलने के बाद चाश्त की नमाज घरों में ही अदा की जा सकती है।