संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। राजकीय इंटर कॉलेज की भूमि में 500 लोगों के बैठने की क्षमता वाले प्रस्तावित ऑडिटोरियम का निर्माण अब ईपीसी मोड से नहीं होगा। एमडीए ने निर्माण के लिए मथुरा की एक कंपनी को ड्राइंग डिजाइन तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी है। डिजाइन और डीपीआर तैयार होते ही निर्माण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
500 लोगों के बैठने की क्षमता वाले ऑडिटोरियम निर्माण के लिए प्राधिकरण की नगरीय अवस्थापना निधि से 25 करोड़ का बजट तैयार किया गया है। ऑडिटोरियम राजकीय इंटर कालेज की .80 हेक्टेअर भूमि में से 10 हजार वर्ग मीटर पर बनाया जाना प्रस्तावित है। जिसके लिए एमडीए की 17 मई 2023 को हुई बोर्ड बैठक में प्रस्ताव पारित किया गया था। लेकिन कभी चुनाव आचार संहिता लागू होने और कभी एक से अधिक निविदा न निकल पाने के कारण ऑडिटोरियम निर्माण स्थगित होता रहा है।
कुछ माह पहले एमडीए की ओर से प्रस्ताव रखा गया था कि ऑडिटोरियम निर्माण ईपीसी मोड पर कराया जाए। इसका प्रस्ताव नौ अप्रैल को आयोजित बोर्ड बैठक में स्वीकृत कराने को लेकर सहमती बनी थी। लेकिन बोर्ड बैठक में प्रस्ताव पारित नहीं हो पाया।
जर्जर नुमाइश पंडाल हो गया था ध्वस्त
शहर में प्रत्येक वर्ष लगने वाली नुमाइश में होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम नुमाइश पंडाल में आयोजित होते थे। लेकिन जर्जर होने पर उसके ध्वस्त होने के बाद करीब एक दशक से शहर में कोई भी ऐसा स्थान नहीं था जहां अधिक लोगों के बैठने की व्यवस्था हो।
काफी दिनों से करीब 500 लोगों के बैठने की क्षमता वाले ऑडिटोरियम निर्माण की आवश्यकता शहर मेंं महसूस हो रही थी। लेकिन नुमाइश पंडाल वाले स्थान को ऑडिटोरियम निर्माण के लिए चयनित नहीं किया गया था। जिसके बाद शासन से स्वीकृति मिलने पर ऑडिटोरियम निर्माण के लिए राजकीय इंटर काॅलेज परिसर की भूमि चिन्हित की गई थी।
10 अगस्त तक तैयार हो जाएगा डिजाइन : कुंवर बहादुर
एमडीए सचिव कुंवर बहादुर सिंह का कहना है कि बोर्ड मीटिंग में ऑडिटोरियम के ईपीसी मोड पर न बनवाने की बात तय हुई थी। इसके बाद मथुरा की कंपनी डेरा से डिजाइन और डीपीआर तैयार कराई जा रही है। कंपनी 10 अगस्त तक डिजाइन आदि बनाकर दे देगी। जिसके बाद आगे की प्रक्रिया आरंभ की जाएगी।