शहर के किदवईनगर में बने डंपिंग यार्ड में लगा कूड़े का ढेर।
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अब फिर कूड़े से बनेगी खाद
मुजफ्फरनगर। नगर पालिका के डंपिंग यार्ड में पड़े कूड़े के निस्तारण के लिए पूर्व में एटूजेड कंपनी की योजना सफल नहीं हो सकी। अब फिर से इस कूड़े से खाद बनाने की योजना है, इसके लिए गाजियाबाद की कंपनी को इसकी जिम्मेदारी दी गई है।
नगर पालिका के पास किदवईनगर में अपना डंपिंग ग्राउंड है। यहां पर करीब छह करोड़ रुपये की लागत से कूड़ा निस्तारण का प्लांट लगा है, मगर कूड़े का निस्तारण नहीं हो रहा है। वर्ष 2011 में एटूजेड ग्रीन वेस्ट मैनेजमेंट गुरुग्राम की कंपनी का नगर पालिका से करार हुआ था। वह कूड़े से कंपोस्ट बनाने का काम करती थी। एटूजेड कंपनी ने घरों से भी कूड़ा कलेक्शन का भी काम किया था। घरों से कूड़ा उठाने के चार्ज लिए जाते थे। 650 रुपये प्रति टन के हिसाब से कूड़ा निस्तारण का ठेका था। मगर, यह योजना कारगर नहीं हो सकी। बीच में ही करार खत्म हो गया। कंपनी के चले जाने से के बाद प्लांट में लगी मशीनें ठप पड़ी है। दो साल से ज्यादा समय से कूड़े का कोई निस्तारण नगर पालिका नहीं करा पा रही है। शहर में रोजाना करीब 160 से 170 टन कूड़ा निकालता है, जिसे किदवईनगर के डंपिंग यार्ड में डाला जा रहा है। यहां पर कूड़े का पहाड़ बन गया है। कूड़े के कारण आसपास के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सीमेंट भी बनाएंगी कंपनी
मुजफ्फरनगर। कूडे से अब जैविक खाद बनेगा। आगामी दो माह में यह प्रक्रिया प्रारंभ होने का दावा पालिका अफसर कर रहे हैं। पालिका ने इसके लिए गाजियाबाद की कंपनी रोल्ज इंडिया लिमिटेड को जिम्मेदारी दी है। यह कंपनी पालिका की खाद बनाने की मशीन को 39 लाख 50 हजार में लगाएगी। अपनी ओर से कूड़े से पत्थर और ईंट आदि अलग करने के लिए अपनी मशीन लगाएगी। इन पदार्थों से सीमेंट तैयार किया जाएगा। एक प्रोसिजर से कूड़े से जैविक खाद तैयार किया जाएगा। यह खाद सस्ते दामों पर किसानों को बेचा जाएगा।
- दो माह बाद कूड़े का निस्तारण शुरू हो जाएगा। गाजियाबाद की कंपनी रोल्ज को इसकी जिम्मेदारी दी है। यहां एटूजेड प्लांट पर कूड़े से खाद और सीमेंट भी बनाया जाएगा।
-अंजू अग्रवाल
नगर पालिका चेयरपर्सन