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महिलाओं की शिकायतों पर नहीं हो रही कार्रवाई

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महिलाओं की शिकायतों पर नहीं हो रही कार्रवाई
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मुजफ्फरनगर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश के बावजूद महिलाओं को पुलिस प्रशासन के यहां से जल्द न्याय नहीं मिल पा रहा है। दहेज उत्पीड़न और दुष्कर्म के आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से पीड़िता ने अपनी जान को खतरा बताते हुए पुलिस महकमे के अधिकारियों से न्याय दिलाने की गुहार लगाई है। वहीं, उद्योगपति की बेटी की शिकायतों को भी पुलिस ने रद्दी की टोकरी में डाल दिया है। इसके चलते इस पीड़िता को भी जान का खतरा सता रहा है।
केस एक- शहर निवासी युवती की शादी करीब ढाई साल पूर्व खालापार निवासी शाहजेब सिद्दीकी से हुई थी। पीड़िता ने एसएसपी अभिषेक यादव के आदेश पर महिला थाने में 15 अक्तूबर को पति शाहजेब के साथ ही जेठ सिराज सिद्दीकी, ससुर रिजवान, सास शाहीन व ननद निशा के खिलाफ दहेज उत्पीड़न के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। ढाई माह से अधिक समय व्यतीत हो जाने के बाद भी महिला थाना पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी में दिलचस्पी नहीं ले रही है।
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केस दो- शहर के एक बड़े उद्योगपति की इकलौती बेटी शालू सिंघल की शादी करीब 22 साल पूर्व मसूरी निवासी युवक से हुई थी। विवादों के चलते करीब डेढ़ साल से पति-पत्नी अलग रह रहे हैं, जिनके बीच तलाक का मुकदमा कोर्ट में विचाराधीन है। पीड़िता के अनुसार करीब तीन माह पूर्व पति ने घर से एलआईसी की पॉलिसी व बॉंड के साथ ही करीब दो लाख की नगदी और जेवरात चोरी कर उसके फर्जी हस्ताक्षर बनाकर पॉलिसी बीच में ही तुड़वाकर उसकी रकम ऐंठ ली। पीड़िता द्वारा इस संबंध में सिविल लाइंस थाने में तहरीर दी गई, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। पीड़िता पर हमला भी किया जा चुका है, लेकिन यह शिकायत भी पुलिस की रद्दी की टोकरी में डाल दी गई। पुलिस की इस लापरवाही के चलते पीड़िता शालू सिंघल भी जान का खतरा जताते हुए कार्रवाई की गुहार लगा रही है।
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इन्होंने कहा .....
एसएसपी अभिषेक यादव का कहना है कि उद्योगपति की बेटी द्वारा दी गई तहरीर की उन्हें जानकारी नहीं है। इस संबंध में सिविल लाइंस पुलिस से बात कर उन्हें कार्रवाई के निर्देश दिए जा रहे हैं। वहीं, महिला थाना पुलिस को भी लंबित मामले में आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी के निर्देश दिए गए हैं। जल्द ही आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई कर उन्हें जेल भेजा जाएगा।
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