शाहपुर। क्षेत्र के गांव बरवाला में प्राचीन माता मठ पर नौ साल बाद माता का पूजन होगा। मठ स्थापित करने वाले परिवार की महिला को सपने में माता ने दर्शन दिए, जिसके बाद पूरा गांव पूजन की तैयारी में जुट गया। सोमवार को दिन भर यहा पूजा चलेगी।
क्षेत्र के बरवाला गांव जिले का चर्चित गांव माना जाता है। आपसी मनमुटाव और विवादों के चलते होने वाली इस गांव की मामूली सी घटना भी प्रशासन को हिला देती है, लेकिन गांव में होने वाले माता पूजन के दौरान गांव के लोग आपसी मतभेद भुलाकर एकजुट होकर पूजा करते हैं।
गांव के चौधरी इंद्रवीर सिंह बताते हैं कि करीब 600 वर्ष पूर्व गांव के चौधरी आसकरण के सात पीढ़ी पूर्व के नेत्रहीन बाबा राजाराम पास के गांव सांझक से माता के एक खंडहर मंदिर से ईंट लेकर आए थे, जिससे उन्होंने गांव में माता का थान बनवा दिया था।
इसके बाद इस परिवार के किसी भी सदस्य को जब सपने में माता दिखाई देती है उसके बाद परिवार के सदस्य के कहने पर थान की पूजा शुरू हो जाती है। धूमधाम से पूरा गांव इसकी पूजा अर्चना करता है। यहां पर एक मेले जैसा माहौल बन जाता है।
दो दिन पूर्व इस परिवार की महिला को सपने में माता दिखाई दी। जिसके बाद परिवार के अलावा पूरा गांव माता की पूजा के लिए जुट गया। सोमवार को दिन भर माता स्थल पर पूजा अर्चना होगी। पूरे गांव में खुशी का माहौल है और लोग पूजा की तैयारी में जुटे हैं।