जहां नाच गाना होगा वहां निकाह नहीं पढ़ाएंगे
मुजफ्फरनगर। जमीयत उलमा शहर की एक अहम बैठक मदरसा जामिया खदीजातुल कुबरा लिलबनात में संपन्न हुई। मुख्य अतिथि जमीयत उलमा पश्चिम उत्तर प्रदेश के सचिव कारी जाकिर हुसैन क़ासमी रहे। बैठक में यति नरसिंहानंद को गिरफ्तार कर रासुका लगाने की मांग की गई।
बैठक की शुरुआत मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के राष्ट्रीय महासचिव मौलाना वली रहमानी साहब के इंतकाल पर रंज ओ गम का इजहार से हुई। उनकी आत्मा की शांति के लिए ईसाल-ए-सवाब और दुआ की गई। बैठक में शहर के अंदर क़ुरान की तालीम के लिए मकातिब खोलने पर विचार हुआ। बैठक में उलमाओं और इमामों से अपील की गई की रमजान का महीना शुरू होने से पहले आवाम के बीच जाकर उनको रमजान की अहमियत समझाएं और बताएं कि, रमजान कैसे गुजारना है। ये भी तय किया गया की उलमा ऐसी शादियों में ना तो जाएंगे और ना निकाह पढ़ाएंगे जहां नाच गाना, दहेज की नुमाइश, खड़े होकर खाने की वजह से खाने की बेहुरमती और बर्बादी और दूसरी गैर शरई रस्म पाई जाएंगी। मुख्य अतिथि जनाब कारी जाकिर हुसैन ने कहा कि पैगम्बर ए इस्लाम हुजूर की शान में गुस्ताखी करने वाले यति नरसिंहानंद को तुरंत गिरफ्तार कर रासुका के तहत कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि एक हफ्ते के अंदर यति नरसिंहानंद को गिरफ्तार कर रासुका के तहत कार्रवाई न हुई तो जमीयत उलमा जिले में विशाल प्रदर्शन करेगी।
अध्यक्षता शहर अध्यक्ष हाफिज इकराम और संचालन कारी आदिल ने किया। हाफिज सलीम, कारी अब्दुल माजिद, मुफ्ति जैनुद्दीन, वसीम आलम, मोहम्मद शिबली, मौलाना गुलजार, मौलाना समीउल्लाह, हाफिज अकरम, सुलेमान प्रधान, हाजी जहूर अहमद, मौलाना अब्दुल कय्यूम, कारी नदीम, कारी खलील, कारी बिलाल, हाफिज अब्दुल्लाह, मोहम्मद शादाब आदि शामिल रहे।