डिस्टलरी के नए प्लांट की सील खोली
मुजफ्फरनगर। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने लखनऊ से आदेश पर सरशादीलाल डिस्टलरी मंसूरपुर के नए प्लांट की सील खोल दी। जबकि बॉयो कंपोस्ट प्लांट पर अभी सील लगी रहेगी। इसे चलाने की अनुमति नहीं दी गई है।
लोगों की शिकायत के बाद जांच के दौरान क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने सर शादीलाल डिस्टलरी की 21 जुलाई से लेकर 28 जुलाई तक तीन बाद जांच की। इस दौरान पाया गया कि डिस्टलरी में दूषित पानी की निकासी हो रही थी। जिससे काली नदी भी प्रदूषित हो रही थी। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से लिए गए इस पानी के नमूने लेकर जांच की तो पानी बेहद दूषित पाया गया। इस रिपोर्ट के आधार पर लखनऊ से डिस्टलरी को बंद कराने के आदेश हुए। मुख्य पर्यावरण अधिकारी एनके चौहान के आदेश पर 30 जुलाई को डिस्टलरी के प्लांट का सील कर दिया गया था। बीते 11 दिनों से डिस्टलरी बंद थी। मंगलवार को लखनऊ के आदेश पर डिस्टलरी के 150 केएल इंसीनेटर बॉयलर वाले नए प्लांट की सील खोल दी गई। जबकि खाद बनाने वाला पुराना बॉयो कम्पोस्ट प्लांट पर अभी सील लगी है।
इन्होंने कहा...
-डिस्टलरी से दूषित पानी बहाए जाने और पानी की जांच मानकों के विपरीत आने पर लखनऊ बोर्ड के आदेश पर प्लांट सील की कार्रवाई की गई थी। अब लखनऊ के आदेश पर नए प्लांट के बॉयलर को चलाने की अनुमति दी गई है। बॉयो कम्पोस्ट प्लांट अभी सील रहेगा।
- अंकित सिंह
- क्षेत्रीय अधिकारी, उप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, मुजफ्फरनगर