उन्होंने कहा कि गाजीपुर बॉर्डर पर लंबे समय तक धरना दिया गया। सरकार ने कुछ लोगों पर हाथ रखकर नया संगठन बनवाया, कुछ लोग बहकावे में आकर चले गए थे। अब वही लोग संगठन में वापसी करने के इच्छुक हैं। राजनीतिक पार्टी, संगठन अनुशासन के दम पर आगे बढ़ते हैं, हुड़दंग बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। संगठन पर लोगों का विश्वास है।
सरकार पर लगाया दंगे कराने का आरोप
भाकियू अध्यक्ष ने कहा कि पिछली सरकारों में किसानों का सम्मान था। गन्ने के रेट भी बढ़ाए गए थे। ऋण माफ किए थे। पंजाब में किसानों को फ्री बिजली दी जा रही है। गन्ने का भाव भी उत्तर प्रदेश से अधिक है। हरियाणा के नूंह के अलावा खुब्बापुर का जिक्र करते हुए तंज कसा कि सरकार दंगे कराना चाहती है, छोटे-मोटे विवादों में फैसले पर ध्यान दो। संगठन मजबूत करने की जरूरत है।
यह रहे मौजूद
भाकियू जिलाध्यक्ष योगेश शर्मा, कालूराम, पवन खटाना, नवीन राठी, मास्टर ओमपाल सिंह, धीरज लाटियान, कृष्ण त्यागी, राजेंद्र सैनी, अजय खाटीयान, रविंद्र राणा, कलिंदर मलिक, अभिजीत, अरविंद, कपिल खाटियान, ठाकुर सत्येंद्र ,मान सिंह मौजूद रहे। संचालन राष्ट्रीय महासचिव ओमपाल मलिक ने किया।
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