अखिल गुप्ता के पिता नरेश गुप्ता।
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किशोरी से यौन शोषण के मामले में आसाराम को मिली उम्रकैद की सजा को अखिल गुप्ता के पिता नरेश गुप्ता ने कम बताया। गुप्ता ने कहा कि जिस तरह के आसाराम के क्रियाकलाप ऑन रिकार्ड है, इसमें में उसे इससे भी सख्त सजा मिलनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि आसाराम ने जैसा अपराध किया है, उस हिसाब से यह कुछ भी सजा नहीं है।
पांच साल पुराने किशोरी के यौन शोषण के मामले में आसाराम को जोधपुर कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई। कोर्ट के निर्णय पर मृत अखिल गुप्ता के परिजनों की भी निगाहें टिकी थी। अखिल गुप्ता भी आसाराम का रसोइया रहा था। हालांकि मंगलवार को जिस मुकदमे का फैसला आया है, उसमें अखिल गवाह नहीं था।
अखिल गुजरात के सूरत निवासी दो बहनों के यौन उत्पीड़न के मामले में गवाह था, जो कि आसाराम के खिलाफ सरकारी गवाह बन गया था। तीन वर्ष पहले 11 जनवरी 2015 को यहां जानसठ रोड स्थित आवास के पास अखिल की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना का मुकदमा कोर्ट में विचाराधीन है।
शाहजहांपुर की किशोरी के यौन शोषण के मामले में कोर्ट के निर्णय से आने से पहले ही जहां देशभर में अलर्ट घोषित था, वहीं यहां पुलिस प्रशासन ने अखिल गुप्ता के परिजनों की सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी थी। जानसठ रोड स्थित गीता एनक्लेव आवास पर सुरक्षाकर्मियों के अलावा नई मंडी पुलिस भी तैनात रही।
कोर्ट का निर्णय आने के बाद अखिल गुप्ता के पिता नरेश गुप्ता चंद मिनटों के लिए ही मीडिया से रू-ब-रू हुए। पत्रकारों द्वारा आसाराम को उम्रकैद की सजा के सवाल पर उन्होंने कहा कि जिस केस में उसे सजा हुई, उस केस से हमारा कोई मतलब नहीं है। कानून ने अपना काम किया है।
क्या उम्रकैद की सजा पर्याप्त है के सवाल पर नरेश गुप्ता ने कहा कि जज ने जो मुनासिब समझा वो फैसला किया, मगर जिस तरह के कार्य क्रियाकलाप ऑन रिकार्ड में है, उसके हिसाब से उसे आसाराम को और सख्त सजा होनी चाहिए थी। उसने जैसा अपराध किया, उस हिसाब से सजा कम है।