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Muzaffarnagar News: नाना बोले... बिटिया रानी, आस्था के बचपन में खो गई नानी

Sun, 06 Jul 2025 12:46 AM IST
नोएडा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर
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जाट कॉलोनी स्थित आवास पर आस्था की सफलता पर खुशी मनाते नाना-नानी-संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। सब लेफ्टिनेंट आस्था पूनिया के भारतीय नौसेना में पहली महिला फाइटर पायलट बनने और विंग्स ऑफ गोल्ड का सम्मान मिल जाने से नाना राजेंद्र और नानी मंजू बेहद खुश है। वह अपनी बेटी और नातिन की तारीफ करते नहीं थक रहे। नाना उनकी पढ़ाई को लेकर तारीफ करते हैं तो नानी की आंखों में आस्था की सफलता पर खुशी के आंसू झलक गए। दोनों यहीं कहते हैं कि आस्था पर पूरा विश्वास था कि वह कुछ बड़ा ही करेगी।
आस्था के नाना मूल रूप से मेरठ के चिंदौड़ी गांव के रहने वाले हैं। सहकारी बैंक से सेवानिवृत्त होने के बाद इन दिनों जाट कॉलोनी में रह रहे हैं। वह बतातें हैं कि उनकी बेटी संयोगिता चौधरी एमएससी फिजिक्स से हैं। वह पढ़ने में काफी होनहार थीं।
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ऐसे ही आस्था भी पढ़ने में हमेशा अव्वल रहीं। आस्था के पिता अरुण पूनिया नवोदय विद्यालय बघरा में शिक्षक पद पर तैनात रहे और संयोगिता भी बघरा ब्लॉक के पीरबड़ प्राथमिक विद्यालय में शिक्षिका हैं। शुरुआती शिक्षा श्रीगिरधारी लाल जैन मेमोरियल पब्लिक स्कूल और इसके बाद 9वीं से 12वीं तक की शिक्षा एसडी पब्लिक स्कूल से हुई। बघरा से बस के माध्यम से स्कूल आती जाती थी।
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आस्था ने जी-तोड़ मेहनत की, हर कदम पर मिली सफलता
नाना बतातें हैं कि आस्था 12वीं तक हर कक्षा में अव्वल रहीं। पढ़ाई को लेकर सदैव गंभीर रहती थी। 12वीं के बाद वनस्थली विद्यापीठ से बीटेक करने चली गईं थी। वहां पर अंतिम सेमस्टर में डीआरडीओ में हुई इन्टर्नशिप के दौरान आर्मी में जाने की रूचि पैदा हुई। सीडीएस के आवेदन निकलने पर भर दिया। लिखित परीक्षा को पास करने के बाद एसएसबी के पांच दिन की कठिन चुनौतियों को पार कर सिलेक्शन पाया। वहां से लौटने पर कैंपस इंटरव्यू का भी रिजल्ट आया तो एचपी कंपनी से 26 लाख के पैकेज पर ऑफर लैटर दिया। हैदराबाद में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के पद पर कार्य करते हुए तीन महीने हुए ही थे कि सीडीएस के परिणाम ने भारतीय सेना की ओर आस्था के कदम मोड़ दिए। एचपी कंपनी से केक कटवाकर रिलीव किया और आस्था ने भारतीय सेना को ज्वाइन को किया।

बहुत साधारण और सरल स्वभाव की है मेरी खुशी
नानी मंजू बताती हैं कि आस्था को घर में प्यार से खुशी कहकर बुलाते हैं। वह बचपन से बेहद शांत स्वभाव की थी। कभी न ज्यादा खेलकूद में रहती थी और न किसी चीज को लेने की जिद करती थी। हर समय अपनी पढ़ाई को लेकर गंभीर रहती थी। शुरू से क्लास में अव्वल आती थी। एसडी में नवीं कक्षा में प्रवेश परीक्षा में भी सबसे ज्यादा नंबर लेकर आई थी।
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गिरधारी लाल जैन स्कूल में मनाई खुशी
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मुजफ्फरनगर। आस्था पूनिया ने श्री गिरधारी लाल जैन मेमोरियल पब्लिक स्कूल में कक्षा आठ तक की पढ़ाई की और अपनी मेहनत। प्रधानाचार्या अलका जैन ने बताया कि वह परिश्रमी और निष्ठावान छात्रा रहीं और समय-समय पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भी भाग लेती रहीं। अपनी कक्षा में सदैव प्रथम स्थान प्राप्त किया और अपनी मेहनत से इंडियन नेवी में प्रथम महिला फाइटर पायलट का स्थान प्राप्त किया। कामयाबी पर स्कूल में मिठाई बांटी गई। आस्था की मां संयोगिता के स्कूल में भी शिक्षकों ने मिठाई बांटी। एसडी पब्लिक स्कूल में भी खुशी जताई गई।
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