अदालत ने सिसौली में जहरीली शराब से दो युवकों की मौत के मामले में सोनू को आपराधिक मानव वध का दोषी मानते हुए 10 साल का कारावास और दो लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। एक आरोपी को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त किया गया। अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या-1 के पीठासीन अधिकारी विष्णु चंद वैश्य ने फैसला सुनाया।
भौराकलां थाना क्षेत्र के कस्बा सिसौली निवासी वादी नितिन कुमार ने 6 अगस्त 2019 को सोनू कुमार और खरड़ थाना फुगाना निवासी हरेंद्र कुमार के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पुलिस ने आरोप पत्र दाखिल किया। न्यायालय में आरोप तय होने के बाद मुकदमे का सत्र परीक्षण किया गया।
अभियोजन पक्ष के अनुसार वादी ने बताया था कि तीन अगस्त 2019 को उसके भाई नीरज, नरेंद्र और ब्रिजेश कस्बा सिसौली में यशपाल के यहां मजूदरी करने गए थे। मजदूरी के बाद तीनों ने वहां शराब पी ली। इसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। इलाज के दौरान नीरज और ब्रिजेश की मौत हो गई।
बताया था कि दोषी सोनू ने तीनों को जहरीली शराब लाकर पीने के लिए दी थी। अदालत ने दोषी के अपराध को हत्या की कोटि में नहीं आने वाले आपराधिक मानव वध का दोषी पाते हुए दोषी करार दिया।
दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद पीठासीन अधिकारी ने दोषी पर विभिन्न धाराओं में कुल दो लाख का अर्थदंड एवं 10 साल की सजा मुकर्रर की। एक आरोपी हरेंद्र को संदेह का लाभ देते दोषमुक्त कर दिया। अर्थदंड की 50 प्रतिशत धनराशि मृतकों की पत्नियों/आश्रितों को दिए जाने के आदेश पारित किए।
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