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मुजफ्फरनगर: दूधली म्हाड़ी पर आज से तीन दिवसीय मेले का शुभारंभ, लाखों की संख्या में जुटेंगे श्रद्धालु

Sun, 17 Sep 2023 03:36 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर

सार

मुजफ्फरनगर के चरथावल में दूधली म्हाड़ी मेले को लेकर कमेटी एवं ग्राम पंचायत ने श्रद्धालुओं के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं। तीन दिवसीय मेले में मुख्य प्रसाद चढ़ाने के लिए पहले दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे हैं। दो दिन ग्रामीण मेले का लुत्फ उठाते हैं।
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दूधली म्हाड़ी मेले में तैनात पुलिस - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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मुजफ्फरनगर जनपद के चरथावल में दूधली म्हाड़ी पर लगने वाला मेला कई प्रांतों में जिले की शान बढ़ाता है। आज रविवार को अटूट आस्था और विश्वास से लबरेज श्रद्धालु यहां निशान और प्रसाद चढ़ाने पहुंचे। कमेटी एवं ग्राम पंचायत ने श्रद्धालुओं के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं। तीन दिवसीय मेले में मुख्य प्रसाद पहले दिन चढ़ताया जाता है। दो दिन ग्रामीण मेले का लुत्फ उठाते हैं।

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सामाजिक समरसता की प्रतीक दूधली म्हाड़ी की मान्यता दूरस्थ प्रांतों में है। पूर्व प्रधान महेंद्र सिंह, रिटायर्ड उप निरीक्षक ब्रजपाल सिंह और बुजुर्ग रामपाल सिंह बताते हैं कि हर साल म्हाड़ी पर पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तराखंड एवं प्रदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं।

गांवों से कई भक्त लेटकर तो कई पैदल प्रसाद चढ़ाने आते हैं। थाने के त्योहार रजिस्टर में पिछले वर्ष साढ़े चार से पांच लाख श्रद्धालुओं के आने का उल्लेख है। हर घर में मेहमानों की आवभगत करने के लिए तैयारियां चल रही हैं। मेला प्रांगण में झूले, प्रसाद और खाने पीने की दुकानें लग गई हैं।

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म्हाड़ी की मान्यता का अतीत अनूठा
करीब 600 साल पहले मरुआ आलमगीरपुर का किसान बछेरा लेकर राजस्थान में बागड़ पहुंच गया। संकल्प था कि वह बछेरा जाहरवीर गोगा को ही साैंपेगा। भक्त महीनों तक वहां भूखा प्यासा रहा। तपस्या से प्रसन्न होकर गोगा खुद प्रकट हुए और उन्होंने भक्त से बछेरा ले लिया।
 
बदले में किसान को पांच ईंट इस संकल्प के साथ दी कि इन ईटों को जहां रख दोगे, वहां से उठेगी नहीं, बल्कि वहीं म्हाड़ी बनानी पड़ेगी। म्हाड़ी के पुजारी रामकुमार बताते हैं लौटते वक्त उनके वंशज किसान हुक्का पीने की ललक में गोगा का वचन भूल गए थे। बताया जाता है कि उन्होंने दूधली में सजी चौपाल पर चादर में बंधी ईंट रख दी। बुजुर्गों के बीच बागड़ की चर्चा छिड़ी और हुक्के के स्वाद में मस्त हो गए। कुछ देर किसान गांव की ओर चलने लगा तो चादर नहीं उठीं, तब वचन याद आने पर म्हाड़ी वहीं बनानी पड़ी।
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सीसीटीवी कैमरों में सजेगा मेला
दूधली ग्राम प्रधान शोभित पुंडीर ने बताया कि पहली बार पूरा मेला 20 सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में होगा। पंचायत भवन को कंट्रोल रूम बनाया गया है। पांच दिन से 25 सफाई कर्मचारी सफाई में लगे है। म्हाड़ी की सड़क चौड़ी कराई गई है। चार सड़कों का निर्माण हुआ है। म्हाड़ी पर कमेटी के 25 युवक व्यवस्था संभालने में तैनात रहेंगे। दर्शन करने जाने और आने के रास्ते अलग बनाए हैं। गांव में प्रवेश से पहले चारों मार्ग पर पार्किंग की व्यवस्था बाहरी छोर पर की गई है। बेरिकेडिंग की व्यवस्था कराई गई है।
 
एसपी सिटी और सीओ से लिया जायजा
एसपी सिटी सत्यनारायण प्रजापत और सीओ सदर विनय गौतम ने म्हाड़ी परिसर में थाना प्रभारी ओपी सिंह एवं ग्रामीणों से व्यवस्थाओं की जानकारी ली। इंस्पेक्टर राजेश सिंह को मेला प्रभारी बनाया गया है। मेला प्रांगण में एक प्लाटून पीएसी, 20 दरोगा, 50 मुख्य आरक्षी, 50 आरक्षी, 25 महिला आरक्षी एवं आठ यातायात पुलिस कर्मचारी तैनात रहेंगे। 40 कर्मचारी अतिरिक्त ड्यूटी पर तैनात रहेंगे।
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