बुधवार को दोपहर बाद सुनीता मलिक भाजपा के जिला कार्यालय गई थी। इस दौरान जिलाध्यक्ष भी मौजूद थे। मलिक ने बताया कि उन्हें पद से हटाने की जानकारी मिली थी, जिस पर उन्होंने जिलाध्यक्ष से बात करनी चाही।
आरोप है कि महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष कविता सैनी और भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. सुधीर सैनी ने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। इसके बाद मलिक ने कार्यालय के बाहर धरना देना शुरू कर दिया। देर रात उनका धरना समाप्त हो गया।
धरने पर बैठी सुनीता मलिक
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उधर, जिलाध्यक्ष सुधीर सैनी ने उनके निष्कासन का पत्र जारी कर दिया। जिलाध्यक्ष का कहना है कि सार्वजनिक रूप से इस तरह धरने पर बैठना पार्टी का अपमान है। इससे पहले दिए गए नोटिस का जवाब भी नहीं दिया गया। देर रात तक मलिक धरने पर बैठी हुई है।
यह था पूरा मामला
पीनना गांव के दो सगे भाइयों के झगड़े के मामले में आरोप-प्रत्योराप शुरू हुए। महिला मोर्चा की उपाध्यक्ष का कहना है कि जिलाध्यक्ष ने उनकी पूरी बात नहीं सुनीं। इसलिए मीडिया के पास जाना पड़ा। जबकि जिलाध्यक्ष सुधीर सैनी ने उनसे स्पष्टीकरण मांगा था, लेकिन जवाब नहीं दिया गया था।