मुजफ्फरनर में संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर कलक्ट्रेट में पंचायत का आयोजन किया गया। इसमें किसानों की मांगें रखी गईं। साथ ही भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने देश में घटित हो रहीं घटनाओं पर अपना विरोध जताया।
भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने कहा कि बड़े स्तर पर निर्माण कार्य तोड़े जा रहे हैं। अगर यही हाल रहा तो जेसीबी और ट्रैक्टरों के बीच युद्ध होगा। जौहर यूनिवर्सिटी नहीं तोड़ी जानी चाहिए। अगर इसके नाम से किसी को दिक्कत है तो यूनिवर्सिटी का नाम भगत सिंह के नाम पर कर देना चाहिए लेकिन निर्माण नहीं तोड़ा जाना चाहिए। शिक्षण संस्था से युवाओं का भविष्य जुड़ा है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर युवाओं के साथ ठीक नहीं हुआ।
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संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर कलक्ट्रेट में आयोजित पंचायत में टिकैत ने कहा कि डेयरी क्षेत्र को विदेशी कॉर्पोरेट प्रतिस्पर्धा के लिए बिना पर्याप्त सुरक्षा के खोल दिया जाता है, तो इसका सीधा दुष्प्रभाव देश के करोड़ों छोटे एवं सीमांत किसानों, दुग्ध उत्पादकों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। अत्यधिक सब्सिडी प्राप्त विदेशी कृषि उत्पादों के आयात से भारतीय कृषि, एमएसपी व्यवस्था, सार्वजनिक खरीद प्रणाली और खाद्य सुरक्षा कमजोर हो सकती है। वर्तमान में किसानों की स्थिति सही नहीं है। सरकार को किसानों के लाभ के लिए नीतियां बनानी चाहिए। सभी फसलों के लिए स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश के अनुसार एमएसपी की कानूनी गारंटी एवं सरकारी खरीद कानून बनाया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि किसान आंदोलन के लिए तैयार हैं। आने वाले समय में पूरे प्रदेश में पंचायतों का सिलसिला शुरू होगा। किसानों के सम्मान के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। सिटी मजिस्ट्रेट पंकज प्रकाश राठौर को मांगपत्र सौंपा गया। अध्यक्षता बलजोर सिंह और संचालन हेमेंद्र सिंह एवं सुमित चौधरी ने किया। इस मौके पर भाकियू जिलाध्यक्ष नवीन राठी, संजय त्यागी, प्रदीप कौशिक, चेयरमैन जहीर फारुखी, अनुज राठी, देव अहलावत, गुलशन चौधरी, गुलबहार राव, योगेश शर्मा, अनुपम शर्मा, हरिओम त्यागी, विकास शर्मा मौजूद रहे।
कलक्ट्रेट की पंचायत में यह रखी गई मांग
- गन्ने का राज्य परामर्श मूल्य न्यूनतम 500 रुपये प्रति क्विंटल किया जाए।
- मिलों पर लंबित गन्ना भुगतान ब्याज सहित तत्काल करवाया जाए।
- किसानों एवं कृषि मजदूरों के लिए संपूर्ण ऋण माफी योजना लागू की जाए।
- घरेलू एवं ग्रामीण उपभोक्ताओं को 300 यूनिट निःशुल्क बिजली मिलनी चाहिए।
- मनरेगा के अंतर्गत 200 दिन का रोजगार, न्यूनतम 700 रुपये मजदूरी दी जाए।
धरने में बदल गई पंचायत, चार घंटे जारी रहा हंगामा
कलक्ट्रेट में दिनभर पंचायत के बाद भाकियू कार्यकर्ता शाम पांच बजे स्थानीय मुद्दों को लेकर जिला पंचायत सभागार में धरने पर बैठ गए। भाकियू जिलाध्यक्ष नवीन राठी के साथ पहुंचे कार्यकर्ताओं ने कहा कि उर्जा निगम की ओर से देहात में विद्युत भार बढ़ाया जा रहा है। दो किलोवाट की जगह तीन अपनी मर्जी से ही कर रहे हैं। ट्रांसफार्मर फुंकने पर कीमत किसानों से वसूली जा रही है। एडीएम वित्त एवं राजस्व अनिरुद्ध प्रताप सिंह, सीडीओ कंडारकर कमल किशोर देशभूषण, सिटी मजिस्ट्रेट पंकज प्रकाश राठौर समेत अन्य अधिकारी पहुंचे। रात करीब नौ बजे सीडीओ ने निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया, इसके बाद धरना समाप्त हुआ।