आंदोलन और पुलिसिया कार्रवाई पर तीखी प्रतिक्रिया
जंतर-मंतर पर छात्र अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे और संसद तक मार्च निकाल रहे थे। तभी पुलिस ने कनॉट प्लेस और उसके आसपास के एरिया में छात्रों पर लाठीचार्ज कर दिया। सपा नेताओं ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया। वहीं, पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कार्रवाई आवश्यक थी। इस घटना ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है।
सांसद इकरा हसन ने लाठीचार्ज की कड़ी निंदा करते हुए इसे छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों का खुला हनन करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार छात्र विरोधी रवैया अपना रही है और अपनी आवाज उठाने वाले छात्रों पर बल प्रयोग किया जा रहा है। इकरा ने मांग की कि लाठीचार्ज के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो और दोषियों को दंडित किया जाए।
सहारनपुर में कांग्रेस नेता नजरबंद
इसी बीच, सहारनपुर में कांग्रेस नेताओं को भी नजरबंद किया गया है। नेता विपक्ष राहुल गांधी और अन्य कांग्रेसी नेताओं द्वारा प्रधानमंत्री आवास पर धरना दिए जाने के बाद जिले के कांग्रेस पदाधिकारियों को पुलिस ने उनके घरों में हाउस अरेस्ट कर दिया। सहारनपुर जिला अध्यक्ष संदीप सिंह राणा को दिल्ली जाते हुए बिहारीगढ़ टोल प्लाजा पर पुलिस ने हिरासत में लिया। कांग्रेस के जिला प्रवक्ता गणेश दत्त शर्मा ने इस कार्रवाई को प्रदेश में अघोषित आपातकाल की स्थिति बताया है।
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