लोकसभा चुनाव के बाद भाजपा की सियासत से गायब नजर आ रहे पूर्व सांसद राजपाल सैनी शुक्रवार को सपा की सदस्यता ग्रहण करेंगे। समर्थकों के साथ वह लखनऊ पहुंच गए हैं। मीरापुर सीट पर उन्हें टिकट का दावेदार माना जा रहा है। सपा जिलाध्यक्ष जिया चौधरी ने इसकी पुष्टि की। जिलाध्यक्ष ने पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मुलाकात की है।
मूल रूप से बुढ़ाना क्षेत्र के लुहसाना गांव निवासी राजपाल सैनी ने वर्ष 1999 में बसपा के टिकट पर मुजफ्फरनगर लोकसभा सीट से पहला चुनाव लड़ा और तीसरे स्थान पर रहे थे। उन्हें 163721 वोट मिले थे।
इसके बाद बसपा के टिकट पर ही वर्ष 2002 में मोरना विधानसभा सीट से 40579 वोट हासिल कर सपा के संजय चौहान को हराकर पहली बार विधानसभा पहुंचे थे। जीत का इनाम उन्हें सरकार में मंत्री बनाकर दिया गया था।
वर्ष 2007 के चुनाव में रालोद के टिकट पर चुनाव लड़े कादिर राना के सामने राजपाल सैनी को हार का सामना करना पड़ा था। इस बार राजपाल सैनी को 38947 वोट मिले थे। वर्ष 2010 में वह बसपा के कोटे से राज्यसभा सदस्य बनाए गए।
वर्ष 2012 में नए परिसीमन में हुए विधानसभा चुनाव से वह राज्यसभा सदस्य होने की वजह से दूर रहे। इसके बाद वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में बेटे शिवान सैनी को बसपा के टिकट पर खतौली विधानसभा सीट से चुनाव लड़ाया लेकिन तीसरे स्थान पर रहे। विधानसभा चुनाव 2022 से पहले उन्होंने बसपा छोड़कर सपा का दामन थाम लिया था।
तब सपा-रालोद के गठबंधन के कारण खतौली सीट रालोद के हिस्से में आई। रालोद के टिकट पर शिवान सैनी के बजाय रालोद अध्यक्ष जयंत सिंह ने राजपाल सैनी को चुनाव लड़ाया लेकिन वह भाजपा के विक्रम सैनी के सामने हार गए थे। वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले राजपाल सैनी रालोद छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए थे।
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