मुजफ्फरनगर के जौला गांव निवासी प्रॉपर्टी डीलर कामिल (52) और उसके कर्मी इरशाद (45) के शव झज्जर में पड़ा मिला था। शव के पास ही नीला ड्रम और पाइपरेंच मिला था। परिजनों ने दो युवकों पर हत्या का शक जताया है।
झज्जर-गुरुग्राम रोड पर यूपी के मुजफ्फरनगर जिले के जौला गांव निवासी प्रॉपर्टी डीलर कामिल (52) और उसके कर्मी इरशाद (45) के शव मिलने के मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट में नया खुलासा हुआ है। कामिल के सिर और इरशाद के एक कमर व एक सिर में गोली मारकर हत्या की गई। शवों का पोस्टमार्टम डॉक्टरों के पैनल द्वारा किया गया।
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परिजनों के मुताबिक दोनों चार जुलाई को स्कॉर्पियो से नीमराणा गए थे। वहीं, इरशाद के भाई हकीकत ने सतीश और सिकंदर नाम के युवकों पर हत्या में शामिल होने का शक जताया है। कहा कि वे भी उनके साथ गए थे लेकिन बाद में वहां से चले गए। इसके बाद उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है। पुलिस मौके से मिले पाइप रेंच और नीले ड्रम को मर्डर वैपन मानकर जांच कर रही थी लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गोली मारकर हत्या का खुलासा हुआ है। इसके बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है।
सतीश और सिकंदर ने दी थी हादसे की सूचना
इरशाद के बड़े भाई हकीकत ने बताया कि कामिल और इरशाद के पास सतीश और सिकंदर नाम के व्यक्ति भी काम करते थे। कामिल के बेटे को फोन कर उन्होंने सड़क हादसे में उसके घायल होने की सूचना दी थी। सोमवार को वह दोनों उनके साथ झज्जर भी आए थे लेकिन कुछ देर बाद ही वापस चले गए। इसके बाद से उनका कोई अता-पता नहीं है।
एक महीने पहले दो करोड़ में बेचा था पीजी
कामिल नीमराणा में पीजी चलाते थे। एक महीने पहले पीजी करीब दो करोड़ रुपये में बेच दिया था। इसके बाद प्रॉपर्टी का काम शुरू किया था। पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जांच में लेन-देन या रंजिश सामने आ रही है। पूछताछ में पुलिस को पता चला है कि कामिल का परिवार गांव जौला में रहता था और वह नीमराणा में किसी और महिला के साथ रहता था। सप्ताह में शुक्रवार को ही वह घर जाता था।
शवों को ट्रक से लाए जाने का शक
पुलिस और फोरेंसिक जांच में दोनों के शवों को झज्जर किसी ट्रक या बड़े वाहन में डालकर लाने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस टायर के निशानों की जांच कर रही है। इसी को आधार बनाकर पुलिस अब झज्जर-गुरुग्राम और अन्य रोड पर पड़ने वाले टोल से उस रात गुजरने वाले यूपी और राजस्थान नंबर की बड़ी गाड़ियों की जांच कर रही है।
किस लिए लाए थे नीला ड्रम... कहानी अभी साफ नहीं हुई
प्रॉपर्टी डीलर कामिल और उसके कर्मी इरशाद हत्याकांड में नीला ड्रम भी जांच का अहम बिंदु बना हुआ है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर ड्रम को मौके पर किस उद्देश्य से लाया गया था। आशंका जताई जा रही है कि क्या इसका इस्तेमाल शव को छिपाकर बड़े वाहन में लाने के लिए किया जाना था। हालांकि, अभी तक इस संबंध में कोई ठोस जानकारी सामने नहीं आई है। पुलिस ड्रम से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है और घटनास्थल के साक्ष्यों व अन्य कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।
एसएचओ, सदर थाना परमजीत सिंह का कहना है कि दोनों शवों का पोस्टमार्टम डॉक्टरों के बोर्ड ने किया है। पुलिस ने परिजनों के बयान दर्ज कर लिए हैं। हर एंगल से मामले की जांच की जा रही है। जल्द ही कातिलों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। वहीं, सीओ बुढ़ाना गजेंद्र पाल सिंह ने बताया कि मंगलवार देर रात तक गांव में शव नहीं पहुंचे हैं।