बुढ़ाना कस्बे के एक स्कूल में गुरु और शिष्य के पवित्र रिश्ते को शर्मसार करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि प्रधानाचार्य ने कक्षा दस की नाबालिग छात्रा के साथ छेड़खानी की। परिजनों व हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ताओं ने हंगामा किया। पूर्व विधायक की सूचना पर पहुंचे बेसिक शिक्षा अधिकारी ने स्कूल को सील कर दिया। वहीं स्वास्थ्य विभाग ने प्रधानाचार्य व उनके भाई के नर्सिंग होम को भी सील किया है।
आरोप है कि स्कूल के प्रधानाचार्य ने कक्षा 10 पास छात्रा को बुधवार को अंक तालिका देने के बहाने स्कूल में बुलाया। पहले तो उसे काफी देर स्कूल में बैठाए रखा गया। बाद में बहाने से एकांत कमरे में ले जाकर उसके साथ छेड़खानी की। छात्रा वहां से बचकर बाहर की ओर भागी और परिजनों को जाकर बताया।
इसके बाद परिजनों व हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने स्कूल के बाहर जमकर हंगामा किया। स्कूल को सील करने की मांग की। हंगामे की सूचना पाकर पुलिस भी मौके पर पहुंची। आरोप है कि प्रधानाचार्य दूसरे वर्ग का है और वह मौके से फरार हो गया था।
हंगामे के दौरान पूर्व विधायक उमेश मलिक भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटना के बारे में जिलाधिकारी, बेसिक शिक्षा अधिकारी को अवगत कराया। सूचना मिलने पर बेसिक शिक्षा अधिकारी संदीप सिंह खंड शिक्षा अधिकारी के साथ स्कूल पहुंचे।
लोगों ने उन्हें बताया कि स्कूल को कक्षा आठ तक की मान्यता प्राप्त है, उसमें हाईस्कूल की कक्षाएं अवैध रूप से संचालित होती हैं। विभिन्न गंभीर आरोप में बीएसए ने स्कूल को सील कर दिया। पूर्व विधायक उमेश मलिक ने कहा कि घटना ने शिक्षा विभाग को शर्मसार किया है।
नर्सिंग होम पर लगाई सील
स्कूल से कुछ दूरी पर प्रधानाचार्य व उसके भाई ने नर्सिंग होम खोला हुआ है। आरोप है कि यह अवैध रूप से संचालित है। सीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. अर्जुन सिंह के निर्देश पर सीएचसी के डॉ. अरविंद कांबोज ने स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ नर्सिंग होम को सील कर दिया।