इस तरह पहुंच गए थे नहाने के लिए
लद्दाख के शहर कारगिल निवासी अब्बास पुत्र मोहम्मद हसन व कारगिल का ही मुस्तफा संधावली के चैरिटेबल ट्रस्ट अजहरे के छात्रावास में रहते थे। अब्बास चार वर्ष से रहता था और वह कक्षा नौ में संधावली के डीएन पब्लिक स्कूल में पढ़ता था, जबकि उसका साथी मुस्तफा दो वर्ष से रहता था और डीएन स्कूल में ही कक्षा आठ में पढ़ता था।
दोनों का एक अन्य साथी मेरठ के जैदी फार्म नौचंदी निवासी काजिम पुत्र आफताब वर्तमान में मुजफ्फरनगर के एक कालेज से एलएलबी की शिक्षा ग्रहण कर रहा था। वह पूर्व समय में इसी छात्रावास में रहता था। जिस कारण तीनों में दोस्ती थी।
इन्हीं का एक साथी सिखेडा के गांव भटोड़ा का रहने वाला शान हैदर पुत्र वसी पूर्व समय में छात्रावास में रहता था। कुछ समय से उसने वहां रहना छोड़कर अपने घर रहना शुरू कर दिया था। तीनों साथी शनिवार को शान हैदर के घर भटोड़ा पहुंचे थे और इसके चारों चितौड़ा गंगनहर झाल पर नहाने गए थे। वहां अब्बास व काजिम डूब गए थे, अभी तक दोनों छात्रों का सुराग नहीं लग सका है।
लदाख से अब्बास के परिजन नहीं पहुंचे
अब्बास छात्रावास में रहता था। उसके परिजन लदाख में रहते हैं। उन्हें बेटे के डूबने की सूचना छात्रावास संचालक ने दे दी थी लेकिन परिजन अभी नहीं पहुंचे हैं।
छात्रावास की चल रही जांच, लापरवाही पर उठ रहे सवाल
मुजफ्फरनगर के गांव संधावली में स्थित चैरिटेबल ट्रस्ट अजहरे के छात्रावास में चार दिन पहले राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो ने टीम के साथ निरीक्षण किया था। इस दौरान यह बिना पंजीकरण के चलता मिला था। जबकि वहां पर 140 छात्र रह रहे थे। अनाथालय के संचालकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए गए हैं। शनिवार को इस छात्रावास के दो छात्र नहाने के लिए छात्रावास से चले गए इस मामले में छात्रावास के संचालकों पर सवाल उठ रहे हैं।
काजिम नहीं था हमारा छात्र
छात्रावास ट्रस्ट के सदस्य जरगान ने बताया कि भटोडा निवासी शान हैदर ने पढ़ाई छोड़ दी थी। वह अपने घर रहता था। काजिम ने भी काफी समय पहले छात्रावास को छोड़ दिया था। वह मेरठ में रहता था। वह मुजफ्फरनगर के किसी कालेज से एलएलबी कर रहा था। अब्बास के परिजनों को हादसे की सूचना दे दी गई है।
गर्मी दूर भगाने के लिए लगा रहे हैं छलांग
जिलेभर में गंगनहर, रजबहों और नदी पर दोपहर के समय युवा नहाते नजर आते हैं। खतरनाक तरीके से छलांग लगाकर नहा रहे हैं। कई बार हादसे हो चुके हैं।