छह माह के लिए फंस गए कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव
मुजफ्फरनगर। नगर पालिका बोर्ड की 19 अक्तूबर 2019 को हुई बैठक को कमिश्नर की मंजूरी मिलने के बावजूद कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव फंस गए हैं। सभासदों ने जिन प्रस्तावों को पास नहीं किया, उन्हें छह माह के बाद ही बोर्ड बैठक में शामिल किया जा सकता है। इन प्रस्तावों में पेयजल, सड़कों की मरम्मत एवं बहुमंजिला सब्जी मंडी निर्माण के प्रस्ताव शामिल थे।
वर्तमान कार्यकाल में नगर पालिका परिषद की बोर्ड बैठकें विवादों में घिरी रहीं हैं। हर बार बैठक को लेकर चेयरपर्सन एवं विपक्षी सभासदों के बीच खेमेबंदी रहती है। 19 अक्तूबर को चेयरपर्सन अंजू अग्रवाल की गैरमौजूदगी में हुई बैठक को मंडलायुक्त की मंजूरी तो मिल गई, लेकिन इस बैठक में शामिल किए गए करीब 40 प्रस्ताव अटक गए हैं। सभासदों ने 60 में से लगभग 20 प्रस्तावों पर ही अपनी सहमति दी थी। अन्य प्रस्तावों के अस्वीकृत हो जाने के बाद इन्हें अगली बोर्ड बैठक में भी शामिल नहीं किया जा सकता। एक बार कोई प्रस्ताव गिर जाए तो उसे कम से कम छह माह तक पास नहीं किया जा सकता। इसलिए कई जरूरी प्रस्ताव छह माह के लिए अटक गए हैं। इनमें कांवड़ यात्रा के दौरान की गई प्रकाश एवं अन्य व्यवस्थाओं के भुगतान के मामले भी थे। इसके अतिरिक्त पेयजल सप्लाई, पाइप लाइन मरम्मत आदि कार्यों के भुगतान के प्रस्ताव भी शामिल किए गए थे। बहुमंजिला सब्जी मंडी एवं फल बाजार का नक्शा स्वीकृत कराने के लिए कमेटी गठित करने का प्रस्ताव भी पास नहीं हो सका। इन प्रस्तावों को अब छह माह तक होने वाली बोर्ड बैठक में शामिल नहीं किया जा सकता। इस संबंध में चेयरपर्सन अंजू अग्रवाल का कहना है कि मंडलायुक्त के बैठक को स्वीकृति दे दी है। इसलिए आगे कुछ नहीं कहा जा सकता। जो प्रस्ताव पास नहीं हो पाए हैं, उन्हें छह माह तक शामिल नहीं किया जा सकेगा।