कोर्ट से बाहर आते भाजपा विधायक विक्रम सैनी।
- फोटो : amar ujala
प्रदेश के कौशल विकास राज्य मंत्री कपिल देव अग्रवाल को एमपी एमएलए स्पेशल कोर्ट ने न्यायिक हिरासत में ले लिया है। उनके अधिवक्ता अनिल जिंदल ने बताया कि वर्ष 2016 और 2017 के चुनाव के दौरान आदर्श आचार चुनाव संहिता के उल्लंघन में उनके खिलाफ नई मंडी और शहर कोतवाली में मुकदमा दर्ज हैं। जिनमें कोर्ट की ओर से गैर जमानती वारंट जारी हुए थे। गुरुवार को तारीख होने पर वे कोर्ट में पेश हुए तो अदालत ने उन्हें न्यायिक हिरासत में ले लिया। हालांकि बाद में वारंट रिकॉल होने पर अदालत ने राज्य मंत्री कपिल देव अग्रवाल, विधायक उमेश मलिक समेत सभी भाजपा नेताओं को जमानत पर रिहा किया।
उधर, वर्ष 2012 में रेल रोको आंदोलन के तहत दर्ज हुए मुकदमे में विधायक उमेश मलिक, पूर्व विधायक अशोक कंसल, भाजपा जिला अध्यक्ष विजय शुक्ला, पूर्व जिला अध्यक्ष यशपाल पंवार, वैभव त्यागी, सुनील तायल के भी गैर जमानती वारंट (एलबीडब्ल्यू) जारी हुए थे। गुरुवार को तारीख पर यह भी एमपी एमएलए कोर्ट में पेश हुए। इन सभी को भी अदालत ने न्यायिक हिरासत में ले लिया है। वारंट रिकॉल होने के बाद रिहा कर दिया गया है।
कोर्ट ने भाजपा विधायक विक्रम सैनी को किया बरी
एमपी एमएलए स्पेशल कोर्ट ने खतौली के भाजपा विधायक विक्रम सैनी को मारपीट और जान से मारने की धमकी के एक मामले में बरी कर दिया है।
जानसठ कोतवाली क्षेत्र के गांव कवाल निवासी विधायक विक्रम सैनी पर वर्ष 2007 में यह मुकदमा दर्ज हुआ था। विक्रम सैनी उस समय गांव के प्रधान थे। गांव के ही असलम ने पांच दिसंबर 2007 में उनके खिलाफ मारपीट और जान से मारने की धमकी का मुकदमा दर्ज कराया था। यह मुकदमा यहां एमपी एमएलए स्पेशल कोर्ट में चल रहा था। विशेष लोक अभियोजक नरेंद्र शर्मा ने बताया कि दोनों पक्षों को सुनते हुए अदालत ने इस मुकदमे में विधायक विक्रम सैनी को बरी कर दिया है।