इसी दौरान उसके पास बागपत के बड़ौत की पट्टी मेहर निवासी संदीप पहुंचा और शादी नहीं करने की चेतावनी दी। कुछ ही देर बाद आरोपी ने विनोद कश्यप की तमंचे से गोली मारकर हत्या कर दी। आरोपी बाइक पर सवार होकर फरार हो गया। वादी राजबीर ने मुकदमा दर्ज कराया।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। प्रकरण की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायालय संख्या-14 में हुई। अदालत में अभियुक्त पर दोष सिद्ध हुआ। अदालत ने दोषी को धारा 302 में आजीवन कारावास और 20 हजार रुपये अर्थदंड और आर्म्स एक्ट में दो साल का कठोर कारावास और पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।