पुलिस के साथ चलते भाजपा विधायक विक्रम सैनी।
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मुजफ्फरनगर में कवाल कांड के बाद गांव के ही एक घर में खड़ी कार को फूंकने, गाली-गलौज करने और धमकी देने के मामले में भाजपा के खतौली विधायक विक्रम सैनी सहित 12 आरोपियों को साक्ष्यों के अभाव में अदालत ने बरी कर दिया है। विधायक और अन्य आरोपी गुरुवार को एमपी-एमएलए कोर्ट में पेश हुए।
बचाव पक्ष के अधिवक्ता भारतवीर अहलावत ने बताया कि 27 अगस्त, 2013 को कवाल गांव में ममेरे भाई सचिन और गौरव की हत्या कर दी गई थी। इसके बाद गांव के ही सरफराज के मकान में खड़ी कार में लोगों ने आग लगा दी थी।
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इसके बाद 28 अगस्त, 2013 को गांव के चौकीदार इश्त्याक की ओर से विक्रम सैनी और राकेश सैनी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। पुलिस ने जांच के बाद विक्रम सैनी, राकेश सैनी, टीकम, दीपक, रवि, सोनू, पवन, जगपाल, रामकिशन, अंकित, विपिन और ईश्वर के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की।
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2017 में विक्रम सैनी के खतौली से विधायक बन जाने के बाद मुकदमे की सुनवाई एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट में हुई। शुक्रवार को विधायक समेत सभी आरोपी अदालत में पेश हुए। न्यायाधीश गोपाल उपाध्याय ने सुनवाई करते हुए साक्ष्यों के अभाव में विधायक समेत अन्य सभी आरोपियों को बरी कर दिया गया है। बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता भारतवीर अहलावत और जीएस सैनी ने पैरवी की।