जनपद शामली के गांव ढिढाली के मूल निवासी पूर्व डीजीसी पिछले 25 साल से यहां पर अपने परिवार के साथ रहते थे। लगभग छह माह पहले उनका निधन हो गया था। उनके दो बेटे विनीत व विवेक तथा एक बेटी है। तीनों में विवेक सबसे छोटा था।
बताया कि उनका बड़ा बेटा विनीत दवाई की कंपनी में काम करता है। उसकी पत्नी सरकारी शिक्षिका है। छोटा बेटा विवेक फिलहाल कोई काम नहीं करता था। दोपहर में बड़ा बेटा व पुत्रवधू अपने काम से गए थे। घर पर पूर्व डीजीसी की पत्नी व छोटा बेटा विवेक था।
पुलिस के अनुसार, दोपहर में पूर्व डीजीसी की पत्नी घर के काम कर रही थीं। विवेक अपने कमरे में था। इसी दौरान उसने लाइसेंसी बंदूक से गोली मार ली। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। सूचना नई मंडी कोतवाली पुलिस को दी गई।
मंडी पुलिस ने पहुंचकर जानकारी ली। पूर्व डीजीसी का बड़ा बेटा व पुत्रवधू भी पहुंचे। आसपास रहने वाले लोग मौके पर एकत्र हो गए। सीओ नई मंडी राजू कुमार साव ने बताया कि युवक ने कमरा बंद कर खुदकुशी की है। पुलिस के पहुंचने से पहले ही परिजनों ने दरवाजा तोड़ लिया था।
कमरे में बंदूक पड़ी मिली थी। बंदूक व एक खोखा कारतूस कब्जे में लिया है। युवक डिप्रेशन में चल रहा था। उसका इलाज भी चल रहा था। परिजनों ने तहरीर नहीं दी है।
शाम के समय भोपा रोड स्थित श्मशान घाट में अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान सांसद हरेंद्र मलिक, बार संघ अध्यक्ष प्रमोद त्यागाी, सुरेंद्र मलिक, प्रवीण जावला, पूर्व डीजीसी यशपाल सिंह, सपा नेता राकेश शर्मा, सोमपाल भाटी, राम मेहर राठी व अन्य मौजूद रहे।