मुजफ्फरनगर, बिजनौर, अमरोहा व मेरठ आदि स्थानों पर जाने वाली बसों में लोगों के बैग काटकर चोरी करने वाला गैंग पुलिस ने पकड़ा है। मीरापुर पुलिस ने एसओजी के साथ मिलकर यह कार्रवाई की। गिरोह का सरगना एक सराफ है।
मीरापुर पुलिस एवं एसओजी की संयुक्त टीम की कुतुबपुर झाल के पास खंडहर में चोरी की योजना बना रहे आठ बदमाशों के साथ मुठभेड़ हो गई। दो आरोपी पैर में गोली लगने से घायल हो गए। छह बदमाशों को कांबिंग के दौरान गिरफ्तार कर लिया गया। यह गिरोह बसों में यात्रियों को झांसे में लेकर बातों में उलझा कर सामान चोरी करता था। गिरोह के सरगना बिजनौर निवासी सराफ राकेश वर्मा की अभी पुलिस को तलाश है।
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पकड़े गए चार अन्य बदमाश। कुल आठ बदमाश पकड़े।
- फोटो : अमर उजाला
एसपी देहात अक्षय संजय महाडीक ने पुलिस लाइन सभागार में प्रेसवार्ता में बताया कि पुलिस की दोनों टीमें संदिग्ध वाहनों की चेकिंग व गश्त कर रही थीं। इसी दौरान सूचना मिली कि कुतुबपुर झाल के पास सिंचाई विभाग के गेस्ट हाउस के निकट खंडहर में कुछ संदिग्ध लोग मौजूद हैं। आशंका है कि वे किसी स्थान पर चोरी की योजना बना रहे हैं।
दोनों टीमें मौके पर पहुंचीं तो वहां मौजूद बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में मेरठ के थाना लिसाड़ी गेट के आशियाना कॉलोनी निवासी आरिफ व हापुड़ के थाना पिलखुआ के कस्तला कासमाबाद निवासी साजिद पैर में गोली लगने से घायल हो गए।
बिजनौर की शहर कोतवाली के जनदरपुर निवासी मुजाहिद, भोवनवाड़ा निवासी शादाब, सादीपुर डल्ला मंडावली निवासी जीशान, नहटौर कस्बे के मोहल्ला तहलाम सुमाली निवासी अकील अहमद, मेरठ जनपद के कस्बा मवाना के मोहल्ला कल्याण सिंह निवासी इकरामुद्दीन व दिल्ली के बटला हाउस निवासी राशिद को कांबिंग में गिरफ्तार किया गया। आरोपियों से दो तमंचे व छह चाकू बरामद किए गए। इस गिरोह के सरगना बिजनौर निवासी सराफ राकेश वर्मा की अभी तलाश है।
आरोपियों ने पुलिस को यह दी जानकारी
गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि उनका सरगना बिजनौर के बुल्ला चौराहा निवासी सराफ राकेश वर्मा है। वे चोरी किया पूरा सामान उसे ले जाकर देते हैं। गिरोह में सरगना सहित नौ सदस्य हैं। सराफ पूरे माल की बोली लगाता है और रकम के बराबर-बराबर नौ हिस्से करता है।
सबका अपना-अपना काम
यह गिरोह घरों व बसों में सवारियों के बैग काटकर जेवर, नकदी व कीमती सामान चोरी करता है। गिरोह के सदस्य मुजफ्फरनगर, बिजनौर, अमरोहा व मेरठ आदि स्थानों पर जाने वाली बसों में सवार हो जाते हैं। इकरामुद्दीन यात्री के सामान को देखता है। उसका पूरा ध्यान रखता है। आरिफ यात्री को बस में सीट दिलाता है। मुजाहिद व शादाब बैग में ब्लेड मारकर सामान निकालते हैं। साजिद व राशिद यात्री को घेरकर रखते हैं। कोई शक न हो, इसलिए बुजुर्ग अकील को साथ रखते हैं। पूरा गिरोह सामान एकत्र कर जीशान को देता है। वह सामान लेकर भाग जाता है। यह सामान सरगना राकेश वर्मा तक पहुंचाया जाता है। वहां बंटवारा होता है।
गिरोह पर 27 मुकदमे दर्ज
एसपी देहात ने बताया कि गिरोह के सदस्यों के खिलाफ अमरोहा, मुरादाबाद, हापुड़, बिजनौर जनपदों में 27 मामले दर्ज है। जीशान के खिलाफ मुजफ्फरनगर की शहर कोतवाली में एक सहित पांच, शादाब पर दो, साजिद के खिलाफ मंसूरपुर थाने में एक सहित 12 व आरिफ के खिलाफ आठ मामले दर्ज हैं।