बरेली से निलंबित पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री ने आरोप पत्र का जवाब जिलाधिकारी शामली और आयुक्त बरेली को सौंप दिया है। उन्होंने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को निराधार बताते हुए इस्तीफा स्वीकार करने की मांग की है।
गौरतलब है कि गणतंत्र दिवस पर अलंकार अग्निहोत्री ने बरेली सिटी मजिस्ट्रेट पद से इस्तीफा दिया था। उन्होंने इसके पीछे यूजीसी के नए नियम और प्रयागराज में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्यों के साथ हुई घटना को कारण बताया था। इसके तुरंत बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया था। निलंबन के अगले दिन उनके समर्थकों ने सिटी मजिस्ट्रेट आवास से लेकर कलेक्ट्रेट तक प्रदर्शन किया था, जिसकी वीडियोग्राफी कर शासन को भेजी गई थी। बाद में अग्निहोत्री का तबादला शामली कर दिया गया, जिसके चलते आरोप पत्र यहां भेजा गया और उनसे जवाब मांगा गया।
आरोप पत्र में उन पर मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर राजनीतिक टिप्पणियां करने, केंद्र व राज्य सरकार की नीतियों की आलोचना करने तथा डिवाइड और रूल जैसे शब्दों का इस्तेमाल करने के आरोप लगाए गए हैं।
जवाब में अग्निहोत्री ने कहा कि एक नागरिक के रूप में उन्हें अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार है, जो संविधान के अनुच्छेद 19 और 21 के तहत प्राप्त है। उन्होंने प्रदर्शन के आरोपों को भी खारिज करते हुए कहा कि वह केवल जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे थे, किसी प्रदर्शन में शामिल नहीं हुए। अधिकारी ने सभी आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए शासन से उनका त्यागपत्र स्वीकार करने का अनुरोध किया है।
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