चार साल पहले शुरू किए गए थे पुरस्कार
नेशनल वाटर अवार्ड की शुरुआत जल शक्ति मंत्रालय ने 2018 में की थी। इन पुरस्कारों का उद्देश्य सर्वोत्तम जल संसाधन प्रबंधन प्रथाओं को बढ़ाना है। 57 पुरस्कारों को 11 अलग-अलग श्रेणियों में बांटा गया है। इनमें बेस्ट स्टेट (सर्वश्रेष्ठ राज्य), बेस्ट डिस्ट्रिक्ट (सर्वश्रेष्ठ जिला), बेस्ट विलेज पंचायत (सर्वश्रेष्ठ ग्राम पंचायत), बेस्ट अर्बन लोकल बॉडी (सर्वश्रेष्ठ स्थानीय निकाय) के अंतर्गत यह पुरस्कार प्रदान किए जाते हैं।
मुजफ्फरनगर के यह काम रहे सराहनीय
जिले में काली, हिंडन, नागिन नदियों का पुर्नोद्धार के कार्य मनरेगा से कराए गए। शॉकपिट, नेडफ, रेन वाटर हार्वेस्टिंग, तालाबों का जीर्णोंद्वार, वृक्षारोपण भी वृहद स्तर पर हुआ।
इन विभागों का रहा सहयोग
लघु सिंचाई, भूमि संरक्षण, पंचायती राज और ग्राम विकास विभाग ने जल संरक्षण के कार्य कराए। कृषि विज्ञान केंद्रों की ओर से जागरूकता कार्यक्रम हुए।
जिले के लिए गौरव की बात : बालियान
केंद्रीय पशुधन मंत्री डॉ. संजीव बालियान ने कहा कि जिले के लिए यह गौरव की बात है। अभियान को और अधिक आगे बढ़ाना है। डीएम चंद्रभूषण सिंह ने कहा कि जिले के लिए यह उपलब्धि है। अधिकारियों और कर्मचारियों की मेहनत और आमजन के सहयोग से ही अवार्ड मिला। सीडीओ आलोक यादव ने कहा कि विभिन्न विभागों की मेहनत और आमजन के सहयोग से ही जिले को यह बड़ी उपलब्धि मिली है।