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Muzaffarnagar: जमानत पर अदालत सख्त, पुलिस की अधूरी आख्या पर सवाल, थाना प्रभारी से मांगा जवाब

Fri, 22 May 2026 05:21 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर

सार

मुजफ्फरनगर में चौकीदार हत्याकांड के आरोपी की जमानत अर्जी पर अदालत ने अधूरी आख्या दाखिल करने पर थाना प्रभारी और विवेचक से दो दिन में स्पष्टीकरण मांगा है। अदालत ने जमानत अर्जी भी खारिज कर दी।

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- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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 मुजफ्फरनगर की एक अदालत ने चौकीदार हत्याकांड से जुड़े आरोपी की जमानत अर्जी पर दाखिल अधूरी आख्या को गंभीरता से लेते हुए थाना प्रभारी और विवेचक से दो दिन के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है। अदालत ने आरोपी की जमानत अर्जी खारिज करते हुए पुलिस अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं।
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चौकीदार हत्याकांड से जुड़ा है मामला
दो मई की रात पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान कसियारा मार्ग स्थित जंगल क्षेत्र से छपार थाना क्षेत्र के तेजलहेड़ा निवासी नितिन उर्फ नितीश को गिरफ्तार किया था। पुलिस के अनुसार वह चौकीदार राजू हत्याकांड से जुड़ा आरोपी है। इसी प्रकरण में मुख्य आरोपी मोहन भी मुठभेड़ के दौरान घायल होने के बाद पुलिस के कब्जे में आया था। दोनों आरोपी आपस में रिश्तेदार बताए गए हैं।
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गंभीर अपराध का हवाला देकर जमानत खारिज
नितिन की ओर से मुठभेड़ के मामले में जमानत अर्जी दाखिल की गई थी। सुनवाई के दौरान अदालत ने आरोपी के आपराधिक इतिहास और अपराध की गंभीरता का उल्लेख करते हुए जमानत देने से इनकार कर दिया। अपर सत्र न्यायाधीश (त्वरित न्यायालय) संख्या-3 के पीठासीन अधिकारी रवि कुमार दिवाकर ने जमानत अर्जी निरस्त कर दी।

अधूरी आख्या पर अदालत ने जताई नाराजगी
सुनवाई के दौरान अदालत के समक्ष थाना स्तर से जो आख्या प्रस्तुत की गई, उसे लेकर न्यायालय ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। अदालत ने पाया कि आख्या सातवें अनुच्छेद से शुरू होकर चौदहवें अनुच्छेद पर समाप्त हो रही थी, जबकि पहले छह अनुच्छेद पूरी तरह अनुपस्थित थे।

न्यायालय ने टिप्पणी की कि प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि विवेचक और थाना प्रभारी का यह कृत्य आरोपी को अनावश्यक लाभ पहुंचाने की दिशा में हो सकता है।
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