समझाने की कोशिश भी रही बेकार
सुसाइड नोट में आयुष ने लिखा कि उन्होंने कई बार युवती को समझाने की कोशिश की। यहां तक कि अपने भाई और मां को भी उसके घर बातचीत के लिए भेजा, लेकिन वहां किसी ने उनकी बात नहीं सुनी।
उन्होंने यह भी लिखा कि युवती ने उन्हें पहले दोस्ती के जाल में फंसाया और बाद में ब्लैकमेल कर मानसिक रूप से परेशान करना शुरू कर दिया।
पुलिस से लगाई न्याय की गुहार
आयुष ने सुसाइड नोट में अपनी व्हाट्सऐप चैट और कैमरे में कैद सबूतों का जिक्र करते हुए पुलिस से न्याय की मांग की है। उन्होंने अपने परिवार से भी कहा है कि किसी तरह का दबाव न बनाएं और दोषियों को सजा दिलाने की कोशिश करें। पुलिस का कहना है कि सुसाइड नोट के आधार पर मामले की जांच की जा रही है और जल्द ही आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।