गुरुवार दोपहर बुढ़ाना से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक उमेश मलिक अदालत में पेश हुए। अदालत ने उन्हें दो मामलों में दोषी मानते हुए उन पर आरोप तय कर दिए हैं।
मुजफ्फरनगर में आचार संहिता के उल्लंघन और चुनाव प्रचार सामग्री मिलने के मामले में भाजपा के बुढ़ाना विधायक उमेश मलिक पर आरोप तय हो गए हैं। विधायक गुरुवार को एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट में पेश हुए। प्रकरण की अगली सुनवाई नौ नवंबर को होगी।
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शासकीय अधिवक्ता राजीव शर्मा, विशेष लोक अभियोजक नरेंद्र कुमार शर्मा और सहायक शासकीय अधिवक्ता मनोज ठाकुर ने बताया कि बुढ़ाना विधायक पर 2012 के विधानसभा चुनाव में प्रचार सामग्री का मामला दर्ज है। उनकी प्रचार सामग्री शाहपुर निवासी मास्टर सतपाल के मकान से पुलिस ने जब्त की थी।
इसके अलावा 2017 के चुनाव में नामांकन के दौरान 21 जनवरी को विधायक ने धारा 144 का उल्लंघन किया था। जिस पर उनके खिलाफ धारा 188 का मुकदमा पंजीकृत था। दोनों प्रकरणों की सुनवाई एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट में चल रही थी। गुरुवार को विधायक अदालत में पेश हुए। न्यायाधीश गोपाल उपाध्याय ने सुनवाई करते हुए उन पर आरोप तय किए। प्रकरण की अगली सुनवाई के लिए नौ नवंबर की तिथि तय की गई है।
सपा सरकार ने दर्ज किए थे फर्जी मुकदमा
कोर्ट में पेशी पर पहुंचे उमेश मलिक ने कहा कि सपा सरकार ने भाजपा नेताओं पर फर्जी मुकदमे दर्ज किए थे। इसी तरह दंगे के दौरान भी सपा सरकार ने भाजपा नेताओं का उत्पीड़न किया। अदालत के इंसाफ पर पूरी तरह भरोसा है।