मेरठ रोड स्थित राना स्टील पर हुए जीएसटी टीम पर हमले के मामले में दो आरोपियों का अग्रिम जमानत प्रार्थनापत्र निरस्त कर दिया गया। अपर जिला एवं सत्र न्यायालय-प्रथम के पीठासीन अधिकारी विष्णु चंद्र ने सुनवाई की।
पांच दिसंबर 2024 को राना स्टील पर जीएसटी टीम ने पहुंचकर जांच शुरू की। इस दौरान टीम ने दीवार कूदकर भाग रहे पूर्व सांसद कादिर राना के बेटे शाह मोहम्मद को पकड़ लिया था। फैक्टरी कर्मचारियों और अन्य लोगों ने मेरठ की डीजीजीआई और जीएसटी टीम का घेराव कर धक्का-मुक्की की। पथराव कर गाड़ी क्षतिग्रस्त कर दी गई। टीम के साथ बदसलूकी हुई। पुलिस ने मौके से पूर्व विधायक शाहनवाज राना समेत अन्य लोगों को गिरफ्तार कर लिया था।
पूर्व विधायक को लंबे समय बाद जमानत मिली थी। पुलिस आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल कर चुकी हैं। इस प्रकरण में आरोपी दिल्ली के शकरपुर निवासी नासिर राना के अलावा उजेर बिस्मिल की ओर से की अग्रिम जमानत अर्जी दाखिल की गई। अदालत ने दोनों के प्रार्थनापत्र निरस्त कर दिए हैं।
यह पकड़ी गई थी गड़बड़ी
राना स्टील इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक शाह मोहम्मद राना ने 150 से अधिक ट्रांजेक्शन और फर्जी बिलों के जरिये 26.41 करोड़ रुपये की कर चोरी की। माल एवं सेवा कर खुफिया महानिदेशालय (डीजीजीआई) टीम को पता चला था कि जनवरी 2022 से जुलाई 2024 के बीच कंपनी ने अपने डीलर और रिटेलरों को फर्जी बिलों (इनवॉइस) की मदद से गुपचुप तरीके से माल बेचा। दस्तावेज और मोबाइल आदि से भी विभिन्न जानकारी जुटाई गईं। मौके से शाह मोहम्मद राना को गिरफ्तार किया गया था।