फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Muzaffarnagar: आरटीओ कर्मी बताकर वसूली करने वाले 8 गिरफ्तार, फर्जी चालानबुक, 'भारत सरकार' लिखी कार बरामद

Thu, 26 Feb 2026 01:58 PM IST
मोहम्मद मुस्तकीम अमर उजाला नेटवर्क, मुजफ्फरनगर

सार

मुजफ्फरनगर-सहारनपुर स्टेट हाईवे पर रोहाना टोल प्लाजा के पास ये लोग लगातार वाहन चालकों से वसूली करते थे। बाकायदा फर्जी पर्चियों पर चालान काटा जाता था। इनके पास से कार, फर्जी पर्चियां, 52,690 रुपये, रिफ्लेक्टर बरामद हुए हैं। 
विज्ञापन
गिरफ्तार आरोपी। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

शहर कोतवाली पुलिस ने मुजफ्फरनगर-सहारनपुर स्टेट हाईवे पर रोहाना टोल प्लाजा के पास से आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया। ये आरोपी खुद को भारत सरकार के परिवहन विभाग का लोक सेवक व कर्मचारी बताकर वाहन चालकों से वाहनों पर रिफ्लेक्टर लगा कर ठगी कर रहे थे। आरोपियों से बड़ी संख्या में फर्जी पर्चियां, 52 हजार 690 रुपये नकद, रिफ्लेक्टर व भारत सरकार लिखी अर्टिगा कार बरामद की है।
विज्ञापन

 
Trending Videos

एसपी सिटी सत्य नारायण प्रजापत ने पुलिस लाइन सभागार में प्रेसवार्ता में बताया कि मंगलवार की रात सूचना मिली थी कि रोहाना टोल पार कर आगे वाहनों को रोक कर कुछ लोग अवैध वसूली कर रहे है। उन्होंने गाड़ी रुकवा रखी थी। यह लोग रिफ्लेक्टर के नाम पर पैसा वसूली कर रहे हैं। भारत सरकार के परिवहन विभाग के अधिकारी व कर्मचारी बता रहे थे। कह रहे हैं कि जब तक रिफ्लेक्टर नहीं लगेगा तब तक उनके वाहन की आगे एंट्री नहीं होगी। भारत सरकार लिखी गाड़ी का प्रयोग कर रहे थे। मौके से आठ लोगों को पकड़ा गया।
 

रोड सेफ्टी को बनाया ठगी का हथियार
इन लोगों ने रोड सेफ्टी को ठगी का हथियार बनाया। यह लोग पर्ची काट कर दे रहे थे। उस पर मोहर लगी थी जिस पर रोड सेफ्टी व यूपी लिखा था। विभाग साफ नहीं लिखा था। वाहन चालकों को गुमराह करने के लिए अलग अलग तीन तरह की पर्ची छपवा रखी थी। ट्रक व बस के लिए चार सौ रुपये, छोटे वाहनों से सौ व दो सौ रुपये लेते थे। कुछ वाहनों को बिना पर्ची दिए भी भेज रहे थे। गिरफ्तार किया वरुण मुख्य आरोपी है। हापुड़, बागपत गाजियाबाद मेरठ, मुजफ्फरनगर व सहारनपुर जनपद के लोगों ने मिलकर गिरोह बनाया है। बरामद गाड़ी दिल्ली निवासी किसी व्यक्ति की है। उसके बारे में भी जानकारी की जा रही है। प्रेस वार्ता में एएसपी सिद्धार्थ के मिश्रा, शहर कोतवाली प्रभारी बबलू सिंह भी मौजूद रहे।
 

पर्ची पर लिखे एमवी एक्ट के सेक्शन
पर्ची पर एमवी एक्ट के सेक्शन भी लिखे हैं, ताकि कोई भी वाहन चालक पर्ची को फर्जी न मान सके। क्योंकि कोई भी प्राइवेट व्यक्ति इस तरह सड़क पर खड़े होकर इस प्रकार की वसूली नही कर सकता। ऐसा करना है अपराध की श्रेणी में आता है।

एक दिन पहले भी रात में की थी वसूली
एसपी सिटी ने कहा कि इस गिरोह ने पकड़े जाने से पहली रात में भी अवैध वसूली की थी। जो रुपये आरोपियों से बरामद हुए है वह दो रात में वसूली के है। इस गिरोह ने 22 फरवरी की रात में सहारनपुर क्षेत्र में भी ऐसी घटना करना भी बताया है। इस बारे में जानकारी की जा रही थी। यह गिरोह घूम कर विभिन्न जनपदों में ठगी करते हैै। सभी के आपराधिक इतिहास की जानकारी की जा रही है।
 

ये हुई बरामदगी-
30 फर्जी पीली पर्ची
44 फर्जी नीली पर्ची
26 फर्जी लाल पर्ची
45 सांकेतिक सफेद पर्ची
52 हजार 690 रुपये नकद
23 पीले, 5 लाल व 48 सफेद रिफ्लेक्टर
2 बॉडी बेल्ट रिफ्लेक्टर
1 सीटी डोरी सहित
1 थैला व 3 पेन
एक अर्टिगा कार
विज्ञापन

इन्हें किया गिरफ्तार-
- धीरेंद्र सिंह, निवासी अनवरपुर, थाना पिलखुआ, जनपद हापुड़
- गुलवीर राणा, निवासी दाहा, थाना दोघट, जनपद बागपत
- शिवदीप त्यागी, निवासी पिलाना, थाना अमीनगर सराय, जनपद बागपत
- मंगेश पाल, निवासी नानू मझोला, थाना लोनी, जनपद गाजियाबाद
- वरुण खोखर, निवासी शहादरा, दिल्ली
- विजय कुमार, निवासी कंकरखेड़ा, जनपद मेरठ
- गौरख कुमार, निवासी इंद्रा कॉलोनी, थाना सिविल लाइन, मुजफ्फरनगर
- अनुज कुमार, निवासी हलवाना, थाना फतेहपुर, जनपद सहारनपुर
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें