मृतक के भाई कर्मवीर ने गांव के ही सगे भाई अमरेश, धनपाल, रमेश उर्फ प्रधान समेत आठ आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। जानसठ के तत्कालीन सीओ जवाहर लाल ने विवेचना कर आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। प्रकरण की सुनवाई विशेष न्यायाधीश एसटी/एसटी के पीठासीन अधिकारी जमशेद अली ने की। तीनों मुख्य आरोपियों को अदालत ने धारा 302 में उम्रकैद और प्रत्येक पर अर्थदंड लगाया है। पांच अभियुक्तों को दोषमुक्त किया गया है।
क्या था मामला
विशेष लोक अभियोजक यशपाल सिंह ने बताया कि अनुसूचित जाति के कर्मचंद की गांव के ही मदन पक्ष के साथ मुकदमेबाजी की रंजिश चली आ रही थी। इसी वजह से मदन पक्ष के समर्थन में अभियुक्त अमरेश अपने परिवार के साथ आया और हमला कर सनसनीखेज वारदात अंजाम दी थी।