कानपुर में किसान आंदोलन के दौरान भाकियू जिलाध्यक्ष के साथ अभद्रता करते हुए उसे गिरफ्तार कर जेल भेजने के मामले को लेकर भाकियू की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक हुई। सर्वसम्मति से एक मार्च को कानपुर कूच करने और वहां के एसएसपी कार्यालय का घेराव कर बेमियादी धरना देने का निर्णय लिया गया। वक्ताओं ने अभद्रता करने वाले पुलिस कर्मियों की गिरफ्तारी और भाकियू जिलाध्यक्ष निरंजन राजपूत की रिहाई की मांग की गई।
भूमि अधिग्रहण के मामले को लेकर कानपुर में 19 जनवरी को भाकियू ने आंदोलन किया था, जिसमें पुलिस ने जिलाध्यक्ष निरंजन राजपूत के साथ अभद्रता करते हुए गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इसी मामले को लेकर रविवार को सरकुलर रोड स्थित राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत के आवास पर भाकियू की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक हुई।
सभी ने इस मामले पर विचार विमर्श किया। बाद में निर्णय लिया कि चुनाव के उपरांत एक मार्च को आरपार की लड़ाई लड़ी जाएगी। प्रदेशभर के किसान कानपुर के लिए कूच करेंगे। वहां के एसएसपी का घेराव कर अनिश्चितकालीन धरना शुरू करेंगे। जब तक जिलाध्यक्ष की रिहाई और दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में भाकियू अध्यक्ष चौ नरेश टिकैत, राकेश टिकैत, महासचिव घनश्याम शर्मा, उपाध्यक्ष राजेश चौहान, विनीत कुमार, प्रदेश अध्यक्ष राज सिंह जादौन, मंडल अध्यक्ष ओमपाल मलिक, जिलाध्यक्ष राजू अहलावत, शामली जिलाध्यक्ष जावेद तोमर, अशेाक घटायन, कपिल सोम, नवीन राठी भूराहेड़ी, सतेंद्र प्रधान, संजय त्यागी, धीरज लाटियान, नीटू दुल्हेरा समेत पश्चिमी उप्र के सभी जिलो में अध्यक्ष मौजूद रहे।