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मोरना मिल : 31 साल बाद वसंत में 46 गांव की दिवाली

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मुजफ्फरनगर। सहकारी चीनी मिल मोरना के नए प्लांट को स्वीकृति मिल जाने के बाद क्षेत्र के 46 गांव के करीब 13 हजार किसानों को लाभ मिलेगा। वर्ष 1995 में आखिरी बार मिल की क्षमता बढ़ाकर 2500 टीसीडी की गई थी। दो साल पहले 65 करोड़ से तकनीकी अपग्रेडेशन को स्वीकृति मिली लेकिन इसके बाद नए प्लांट की डीपीआर तैयार कराकर अप्रैल 2025 में स्वीकृति के लिए लखनऊ भेजी गई थी।
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गंगा किसान सहकारी चीनी मिल मोरना की स्थापना 14 मई 1981 को हुई। पहला पेराई सत्र 16 नवंबर 1984 को शुरू हुआ था। ट्रायल सीजन के दौरान 1250 टीसीडी (टन केन प्रति दिन) क्षमता से 8.95 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई हुई।

वर्ष 1995–1996 के दौरान प्लांट की क्षमता 1250 से बढ़ाकर 2500टीसीडी कर दी गई। गन्ना बढ़ने और मिल की क्षमता कम होने के कारण पिछले करीब 31 साल से किसान अपनी मांग उठा रहे थे। क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों के लिए भी यह बड़ा मुद्दा बन गया।
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सियासी मंचों पर मिल के विस्तारीकरण के वायदे और घोषणाएं भी खूब की गई। अब नया प्लांट लगने से किसानों को बड़ा लाभ मिलेगा।



गन्ना फार्म में लगेगा नया प्लांट, क्षमता होगी 3500 टीसीडी
मुजफ्फरनगर। मिल परिसर के पास ही गन्ना फार्म में नया प्लांट लगाया जाएगा। इसकी क्षमता 3500 टीसीडी होगी। यही नहीं अगर भरपूर गन्ना मिला तो निकट भविष्य में क्षमता को 5000 टीसीडी कर दिया जाएगा। प्लांट लगने के दौरान पुरानी मिल का संचालन जारी रहेगा। वर्तमान में मिल को 46 गांव के 13 हजार किसान गन्ने की सप्लाई कर रहे हैं।

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सरकार ने प्राथमिकता से किया समाधान : अनिल

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कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार ने कहा कि किसानों की मांग रखी गई। प्रदेश सरकार ने किसानों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया। आने वाले सालों में मिल क्षेत्र के किसानों की समस्या खत्म हो जाएगी।

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किसानों से किया वायदा पूरा किया : चौहान

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रालोद के बिजनौर सांसद चंदन चौहान ने कहा कि किसानों की मांग लंबे समय से उठाई जा रही थी। मिल क्षेत्र के किसानों से उन्होंने वायदा किया था कि विस्तारीकरण कराएंगे। किसानों के लिए सरकार का यह कदम सराहनीय है।

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किसानों के लिए मील का पत्थर : पाल

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मीरापुर की रालोद विधायक मिथलेश पाल ने कहा कि चीनी मिल के विस्तार एवं आधुनिकीकरण के लिए 261.91 करोड़ की स्वीकृति किसानों के लिए मील का पत्थर साबित होगी। सरकार का निर्णय बेहद महत्वपूर्ण है। किसान लंबे समय से पेराई में देरी और मिल की सीमित क्षमता से परेशान थे। मामला विधानसभा में भी उठाया गया था।

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किसानों को मिलेगा बड़ा लाभ : निर्वाल
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जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. वीरपाल निर्वाल ने कहा कि वर्ष 2011 से लंबा संघर्ष करना पड़ा। पिछले दिनों मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर भी क्षेत्र के किसानों की समस्या रखी थी। किसानों को बड़ी राहत मिलेगी।

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किसानों को मिलेगा लाभ : ओमानंद

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श्री शुकदेव आश्रम शुकतीर्थ के पीठाधीश्वर स्वामी ओमानंद महाराज ने बताया कि 14 जुलाई 2019 को शुकतीर्थ पधारे सीएम योगी आदित्यनाथ को पत्रावली दी गई थी। वर्षो पुरानी मांग को मुख्यमंत्री द्वारा स्वीकृत किया जाना किसानों को समृद्ध करेगा और क्षेत्र का बहुमुखी विकास होगा।

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दो साल पहले अपग्रेडेशन की हुई थी घोषणा, दोबारा प्रस्ताव
सहकारी चीनी मिल मोरना के तकनीकी अपग्रेडेशन की घोषणा सरकार ने दो साल पहले भी की थी। 65 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रावधान किया गया। पिछले साल मई माह में तब गन्ना, चीनी उद्योग एवं आबकारी विभाग की प्रमुख सचिव वीना कुमारी मीणा ने मिल का दौरा भी किया था। धनराशि कम रह जाने के कारण इसके बाद दोबारा प्रस्ताव तैयार कराया गया।
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