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तेंदुए का शोर, किसान नहीं गए खेतों की ओर

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मोरना क्षेत्र के 16 हजार से अधिक की आबादी खौफ में
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मुजफ्फरनगर। मोरना क्षेत्र के दौलतपुर समेत आसपास के गांवों के करीब 16 हजार से ज्यादा की आबादी खौफ में है। बच्चों को घरों में कैद कर दिया गया है। किसान बिना समूह बनाए खेतों पर जाने की हिम्मत नहीं जुटा रहे। लोगों में पसरे इस डर का कारण बना है एक तेंदुआ, जो कई दिनों से क्षेत्र में आए दिन दिख रहा है। इसके बावजूद वन अधिकारी उसे ट्रैक नहीं कर पाए। यहां तक कि अभी यह भी पुष्टि नहीं कर पाए कि क्षेत्र में घूम रहा है जानवर तेंदुआ ही है या कोई अन्य जंगली पशु।
करीब एक सप्ताह पहले भोपा क्षेत्र में जौली पौधशाला में तेंदुए की आहट हुई थी। इसके बाद बीते पांच जनवरी को दौलतपुर के जंगल में एक किसान ने तेंदुए की गुर्राहट सुनी। छह जनवरी को एक खेत में कुत्ते का अधखाया शव मिला। आठ जनवरी को फिर से दौलतपुर के ही खेतों में किसानों ने तेंदुए को देखा और लाठियां-बल्लम एवं अन्य हथियार लेकर उसकी तलाश में निकल गए। तेंदुआ तो नहीं मिला, लेकिन आसपास के गांवों तक उसका खौफ पसर गया। नवादा, बेहड़ा सादात, खोंकनी, चौरावाला एवं दौलतपुर से पश्चिम दिशा में बसे तिस्सा गांवों तक तेंदुए का डर फैला है। दौलतपुर निवासी राशिद, साजिद, शफीक, असलम, नूर अली, कामिल, गुफरान एवं शेर अली ने बताया कि खेतों में तेंदुआ नजर आने से ग्रामीणों में खौफ है। लोग अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। इसके बावजूद वन अधिकारियों ने तेंदुए को पकड़ने के उपाय नहीं किए। खेतों में कहीं पिंजरा तक नहीं लगाया गया। दरअसल, वन विभाग अभी तक तेंदुए को ट्रैक भी नहीं कर पाया है। मौके पर मिले पदचिह्नों को देखने के बाद भी यह तय नहीं किया जा सका कि जो जानवर खेतों में घूम रहा है वह तेंदुआ ही है या कुछ और।
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वन विभाग के अफसरों के खिलाफ पनपा गुस्सा
तेंदुए को लेकर जहां ग्रामीणों में खौफ है वहीं वन अफसरों के खिलाफ गुस्सा भी है। बुधवार को दौलतपुर के जंगल में जब तेंदुआ नजर आया, तो ग्रामीण लाठी-डंडे, बल्लम व अन्य हथियार लेकर खेतों की ओर चल पड़े। गनीमत रही कि तेंदुआ उन्हें नजर नहीं आया। अन्यथा ग्रामीण उसे मौत के घाट उतारने से भी पीछे नहीं हटते। यदि अधिकारियों ने इस दिशा में जल्द कदम नहीं उठाए तो यहां पर बिजनौर जैसी घटना हो सकती है। वहां पर ग्रामीणों ने मिलकर छह लोगों की मौत का कारण बने तेंदुए को कुछ दिन पूर्व मार डाला था।
इन्होंने कहा...
पदचिह्नों से तेंदुए के होने की पुष्टि नहीं हो रही है। वनकर्मी दौलतपुर क्षेत्र में निगाह रखे हुए हैं। मैं भी खुद मौके पर जाकर देखूंगा।
- सूरज, डीएफओ, मुजफ्फरनगर।
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