दूसरों के खातों में चली गई किसानों की सम्मान निधि
मुजफ्फरनगर। लोकसभा चुनाव से पूर्व आनन-फानन में शुरू की गई प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में अनेक खामियां रह गईं। खातों का मिलान सही नहीं होने से कई किसानों की धनराशि दूसरों के खातों में पहुंच गई है। रोजाना किसान कृषि विभाग में आकर इस तरह की शिकायतें दर्ज करा रहे हैं। विभाग इन किसानों की धनराशि वापस कराने की कवायद में जुटा है।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत किसानों को छह हजार रुपये वार्षिक दो-दो हजार की तीन किस्तों में दिए जाते हैं। विभागीय अधिकारी एक लाख 64 हजार किसानों के खातों में तीन किस्तें पहुंचने का दावा कर रहा है। बड़ी संख्या में ऐसे किसान हैं, जिनके खातों में कोई धनराशि नहीं पहुंची। उन्होंने ऑनलाइन जानकारी की तो पता लगा कि किसी दूसरे व्यक्ति के बैंक खाते में उनकी किस्त चली गई है। कृषि विभाग के पास रोजाना ऐसी कई शिकायतें दर्ज हो रही हैं। ग्राम नंगला पिथौरा निवासी तेज सिंह एवं धर्मवती की धनराशि किसी अन्य व्यक्ति के खाते में चली गई। ठाकुर कुशलपाल, डा. योगेश, किशनपाल, विजयपाल, टिंकू, जितेंद्र, प्रमोद सिंह, ठाकुर धीरज उर्फ टिल्लू आदि ने सोमवार बृहस्पतिवार को उप निदेशक कृषि जसवीर तेवतिया से मिलकर धनराशि दूसरे लोगों के खाते में पहुंचने की शिकायत दर्ज कराई। किसानों का कहना है कि इस तरह के जिले में सैकड़ों मामले हैं।
हेल्पलाइन पर करें शिकायत
उपनिदेशक कृषि जसवीर तेवतिया ने बताया कि जिन किसानों की सम्मान निधि का पैसा दूसरों के खाते में पहुंच गया है, वे पीएम किसान निधि योजना के हेल्पलाइन नंबर 155261 या 1800115526 पर फोन कर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। उन्होंने बताया कि जांच में यदि शिकायत सही पाई जाती है तो पात्र किसान को धनराशि वापस होगी। इस संबंध में शासन स्तर से कार्रवाई होनी है।
अपात्रों को मिली किसान निधि भी होगी वापस
चुनाव से पूर्व जल्दबाजी में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना लागू की गई थी। सही तरीके से जांच नहीं होने के कारण कई अपात्र किसानों को भी सम्मान निधि मिलने की संभावना है। इसके चलते शासन ने चौथी किस्त के लिए आधार सीडिंग को अनिवार्य कर दिया है। आधार सीड होते ही पता लग जाएगा कि संबंधित किसान सरकारी नौकरी में या पेंशन तो प्राप्त नहीं कर रहा। यदि वह आयकर जमा करता होगा, तो भी वह पात्र नहीं है। ऐसे लोगों को भेजी गई धनराशि वापस होगी।