मुजफ्फरनगर के मंसूरपुर में दिल्ली-दून नेशनल हाईवे स्थित बेगराजपुर मेडिकल कॉलेज के गेट पर हुई मोहसिना की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने खुलासा करते हुए शौहर व उसकी दूसरी पत्नी के पिता को गिरफ्तार कर लिया है। पति ने ही संपत्ति विवाद के चलते तीन लाख की सुपारी देकर मोहसिना की हत्या कराई थी।
मंसूरपुर थाने में मंगलवार को सीओ खतौली राकेश सिंह ने बताया कि गत 15 जुलाई को नेशनल हाईवे स्थित बेगराजपुर मेडिकल कॉलेज गेट पर गांव शेरनगर निवासी महिला मोहसिना की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। सीओ ने बताया कि तितावी के गांव मांडी निवासी मोहसिना का निकाह गांव शेरनगर निवासी सोनू उर्फ फुरकान से हुआ था। 2014 में सगी भाभी की हत्या के आरोप में मोहसिना जेल गई थी, जिस पर फुरकान ने गांव सोरम निवासी मेहरबान की बेटी से दूसरा निकाह कर लिया। करीब दो साल बाद मोहसिना जेल से जमानत पर बाहर आई तो शौहर का दूसरा निकाह देख विवाद शुरू हो गया। इसके चलते दूसरी पत्नी के परिजनों ने फुरकान के खिलाफ दहेज उत्पीड़न की रिपोर्ट भी दर्ज करा दी थी। मुकदमे में समझौता करते हुए फुरकान ने अपनी चार बीघा जमीन दूसरी पत्नी के नाम कर दी और सोरम में ही जाकर रहने लगा था।
वहीं, मोहसिना बेटे के साथ ससुराल शेरनगर में ही रहती रही। सीओ ने बताया कि दूसरी पत्नी का पिता मेहरबान नहीं चाहता था कि फुरकान की संपत्ति में पहली बीवी भी हिस्सेदार हो। इसके चलते उसने अपने भाइयों कय्यूम, इरफान व तनवीर के साथ मोहसिना की हत्या की साजिश बनाई। इसके बाद गांव सोरम निवासी कादिर व तहसीन को तीन लाख रुपये में मोहसिना की हत्या की सुपारी दे दी गई। इनमें से 1.70 लाख रुपये एडवांस दे दिए गए, जबकि बाकी 1.30 लाख रुपये हत्या के बाद दिए जाने थे। सीओ ने बताया कि हत्या की साजिश में शौहर फुरकान भी शामिल रहा था। मंगलवार को शौहर फुरकान व उसके दूसरे ससुर मेहरबान को गिरफ्तार कर लिया गया।