दोगुने से ज्यादा बढ़ गए भूसे के दाम
इस बार सितंबर-अक्तूबर के महीने में हुई बारिश से धान की पुराल खराब हो गई। जिसके कारण भूसे के दाम आसमान पर पहुंच गए। वर्तमान में भूसे की कीमत 13 सौ से 14 सौ रुपये प्रति क्विंटल पर पहुंच गई है। देहात क्षेत्र में पशुपालकों को भूसा नहीं मिल रहा है। जबकि अन्य सालों की बात करें तो इन दिनों में भूसे की कीमत 700-900 रुपये प्रति क्विंटल तक रहती थी। काकड़ा के पशुपालक सतेंद्र कुमार का कहना है कि भूसे पर इस बार महंगाई की मार है, जिस कारण पशुओं के लिए चारे का इंतजाम करने में मुश्किल हो रही है।
पशु आहार की बढ़ रही कीमत
पशुपालकों ने बताया कि वर्तमान में खल के करीब 68 किलो के बोरे की कीमत 22 सौ से 23 सौ रुपये प्रति क्विंटल है। लगभग पांच सौ रुपये दाम बढ़ गए हैं, जिससे स्थिति विकट है। चौकर का बोरा नौ सौ से 1300 रुपये और चूरी नौ सौ से 1200 सौ रुपये प्रति बोरा मिल रही है। वजन और कंपनी के हिसाब से दाम बदलते रहते हैं।
दूध के दाम बढ़ने से ग्राहक परेशान
शाहपुर कस्बे में अमूल दूध डेयरी के संचालक कपिल सैनी ने बताया कि उनके यहां फुल क्री दूध की पूर्व में कीमत 58 रुपये प्रति लीटर थी । कंपनी द्वारा दो रुपये प्रति लीटर बढ़ा देने के बाद कीमत 60 रुपये हो गई है। डेयरी संचालक का कहना है कि कंपनी ने दूध पर तो दाम बढ़ा दिया, लेकिन संचालकों का मुनाफा नहीं बढ़ाया है।
44 के भाव खरीदकर 60 में बेच रहे दूध
खतौली कस्बे में डेयरी चला रहे रमेश ने बताया कि 11 फरवरी से पशुपालकों से दूध के रेट बढ़ाकर 44 रुपये प्रति लीटर किए गए हैं, जबकि इसकी बिक्री 60 प्रति लीटर के हिसाब से की जा रही है। जानसठ में डेयरी संचालक नवनीत का कहना है कि पशुपालकों से 50 रुपये प्रति लीटर तक दूध खरीदा जा रहा है।