मीरापुर उपचुनाव में नामांकन के बाद भाजपा-रालोद से टिकट के दावेदार रहे नेताओं के समर्थकों में मायूसी है। खुद कई दावेदार गठबंधन की संयुक्त नामांकन सभा में नहीं पहुंचे। ऐसे में चुनाव की तैयारी पर असर पड़ता नजर आ रहा है। पूर्व जिलाध्यक्ष अजित राठी को समर्थकों ने नामांकन सभा में जाने से रोक दिया।
राजपाल सैनी
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रालोद के लंबे समय तक जिलाध्यक्ष रहे अजित राठी को टिकट का मजबूत दावेदार माना जा रहा था। चर्चा थी कि रालोद बागपत के लोकसभा चुनाव में राजकुमार सांगवान की तर्ज पर ही मीरापुर से अजित राठी को टिकट दे सकती है। लंबे समय से वह तैयारी भी कर रहे थे। टिकट न मिलने से अजित राठी के समर्थकों में मायूसी छा गई।
शुक्रवार को मनफोड़ा गांव से पारिवारिक लोगों और समर्थकों ने अजित राठी को सरकुलर रोड स्थित कार्यालय पर हुई संयुक्त नामांकन सभा में जाने से रोक दिया। राठी ने बताया कि समर्थकों में मायूसी है। वह मिथलेश पाल की नामांकन सभा में जाना चाहते थे, लेकिन लोगों ने नहीं जाने दिया। लंबे समय से चुनाव की तैयारी चल रही थी।
पूर्व सांसद राजपाल सैनी के समर्थक भी मायूस है। भाजपा खेमे से उनका नाम पहले नंबर पर था। लेकिन टिकट नहीं मिला। सैनी ने नामांकन सभा में अपने बेटे शिवान सैनी को भेज दिया।
सपा से टिकट मांग रहे सर्वेंद्र भी मैदान में
सपा से टिकट के दावेदारों में शामिल सर्वेंद्र राठी ने भी निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर नामांकन किया है। वर्तमान में उनकी पत्नी मोरना की प्रधान हैं।