संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। शहर के शेरनगर और बीबीपुर की भूमि में विकसित हो रही इंटीग्रेटेड टाउनशिप के मामले में एमडीए ने 24 बिंदुओं पर जांच बैठा दी है। जांच कमेटी को सात दिन में रिपोर्ट देने को कहा गया है। विकासकर्ता की ओर से टाउनशिप का 93 प्रतिशत कार्य पूर्ण करने का दावा करते हुए बाकी कार्य पूर्ण करने के लिए तीन वर्ष का समय दिए जाने का अनुरोध किया गया था।
शासन की ओर से 2005 में शहरों में सुनियोजित आवासीय काॅलोनी विकसित करने के लिए इंटीग्रेटेड टाउनशिप योजना लागू की गई थी। जिसके बाद शहर से सटे गांव शेरनगर और बीबीपुर में द्वारिका बालाजी कंसोर्टियम कंपनी की ओर से करीब 100 एकड़ भूमि में इंटीग्रेटेड टाउनशिप का खाका तैयार किया गया। जिस पर विकास प्राधिकरण की ओर से 20 मई 2009 को लाइसेंस प्रदान कर दिया गया था। लेकिन 15 वर्ष होने के बावजूद परियोजना पूर्ण नहीं हो पाई।
विकासकर्ता कंपनी के निदेशक अजय बंसल का कहना है कि परियोजना पूर्ण करने के लिए 40 बीघा भूमि क्रय की जानी है। जिसके लिए तीन वर्ष का समय मांगा गया है। जांच की कोई आवश्यकता नहीं थी।
- अधिशासी अभियंता के निर्देशन में कमेटी करेगी जांच
इंटीग्रेटेड टाउनशिप विकासकर्ता कंपनी की ओर से परियोजना पूर्ण करने के लिए 40 बीघा जमीन खरीदी जानी है। जिसके लिए परियोजना का समय तीन वर्ष और बढ़ाने का अनुरोध एमडीए से किया गया था। इस पर बोर्ड की ओर से अधिशासी अभियंता के निर्देशन में एक कमेटी गठित कर जांच का निर्णय लिया गया। जो स्वीकृत ले आउट प्लान में परियोजना के 24 बिंदुओं पर जांच करते हुए सात दिन में आख्या प्रस्तुत करेगी। प्राप्त आख्या अगली बोर्ड बैठक में रखी जाएगी।
- एमडीए ने कई बार बढ़ा चुका परियोजना का समय
एमडीए ने 29 दिसंबर 2010 को हुई 23वीं बोर्ड बैठक में 100 एकड़ भूमि पर पेश की गई इंटीग्रेटेड टाउनशिप की डीपीआर को स्वीकृति प्रदान की थी। जबकि योजना का स्वीकृत ले आउट प्लान 19 अक्तूबर 2011 को निर्गत किया गया। उस समय निर्गत तलपट मानचित्र की अवधि पांच वर्ष थी। लेकिन उसके बाद 19 अक्तूबर 2016 को तीन वर्ष के लिए जबकि उसके उपरांत अगले तीन वर्ष के लिए फिर से पुनरक्षित तलपट स्वीकृत कराया गया। लेकिन योजना पूर्ण न हो पाने पर छह सितंबर 2024 को फिर से तीन वर्ष का समय मांगा गया।
- 93 प्रतिशत आंतरिक विकास कार्य हो चुका पूर्ण
विकास कार्य पूर्ण होने की स्थिति(प्रतिशत)
भूमि समतलीकरण और सड़क निर्माण 90
जल निकासी की व्यवस्था 90
जलापूर्ति और ओवरहैड टैंक का निर्माण 96
सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट 95
बिजली घर एवं विद्युतीकरण 95
पौधारोपण, पार्क और रेन वाटर हार्वेस्टिंग व्यवस्था 82
बाउंड्री वाल एवं गेट 98
सार्वजनिक सुविधा एवं मनोरंजन के साधन 98
इन्होंने कहा..
जांच के बाद मीटिंग में रखा जाएगा समय बढ़ाने का प्रस्ताव
एमडीए सचिव कुंवर बहादुर का कहना है कि विकासकर्ता की ओर से तीन वर्ष का समय मांगा गया। इससे पहले बोर्ड ने 24 बिंदुओं पर जांच कराने का निर्णय लिया। जांच उपरांत रिपोर्ट के आधार पर एमडीए बोर्ड अगला निर्णय लेगा।