पुलिस को चकमा देकर भाग रहा था मठ संचालक
मुजफ्फरनगर। मुकदमा दर्ज होने की भनक मिलते ही शुकतीर्थ के गौड़ीय मठ का संचालक भक्ति भूषण गोविंद महाराज मठ से सामान समेट कर फरार हो गया था। ऐन वक्त पर पुलिस ने उसे भोकरहेड़ी के पास से शिष्य कृष्ण मोहनदास के साथ गिरफ्तार कर लिया। कार से बरामद डेढ़ लाख की नकदी और अन्य सामान पुलिस ने उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया है।
गौड़ीय मठ से बच्चों के मुक्त कराने के बाद से ही प्रशासन इस मामले को गंभीरता से ले रहा था। उधर, मठ संचालक भक्ति भूषण गोविंद महाराज अपनी सफाई देता रहा। बृहस्पतिवार को मेडिकल जांच में चार बच्चों का यौन शोषण होने की पुष्टि होने पर मंठ संचालक को लग गया था कि वो वह कानून के शिकंजे से नहीं बचेगा। इसलिए जिस समय मुकदमे की तैयारी चल रही थी, उसी समय बच्चों के यौन शोषण का आरोपी मठ संचालक भक्ति भूषण गोविंद महाराज अपने शिष्य कृष्ण मोहनदास के साथ सामान समेट कर यहां से फरार की तैयारी कर रहा था। उसने अपना जरूरी सामान एक कार में भरवाया और डेढ़ लाख रुपये लेकर शिष्य को साथ लेकर मठ से फरार हो गया। इसकी भनक लगते ही पुलिस ने सामान लेकर भाग रहे आरोपी मठ संचालक को भोकरहेड़ी के पास से शिष्य समेत गिरफ्तार किया। इंस्पेक्टर भोपा संजीव कुमार ने बताया कि आरोपी मठ संचालक अपने शिष्य समेत सामान लेकर भाग रहा था, जिसे पीछा करके भोकरहेड़ी से गिरफ्तार किया गया।
फोरेंसिक टीम ने जांच की
भोपा। शुकतीर्थ के गौड़ीय मठ का फोरेंसिक टीम ने भी निरीक्षण किया गया। सीओ भोपा राजेश कुमार द्विवेदी ने भी आरोपी से पूछताछ की। सीओ ने कहा की हर बिंदू पर जांच पड़ताल की जा रही। बच्चों को न्याय दिलाने में जरा भी कोताही नहीं बरती जाएगी।
बच्चों के कमरों में नहीं है सीसीटीवी कैमरे
भोपा। इंस्पेक्टर संजीव कुमार ने बताया कि गौड़ीय मठ में आवश्यकता के अनुरूप सीसीटीवी कैमरे की व्यवस्था नहीं की गई थी। मात्र मुख्य स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे की व्यवस्था है। बच्चों के रूम में कैमरे की व्यवस्था नहीं की गई थी, जबकि बच्चों के रूम में सीसीटीवी कैमरा होना अति आवश्यक था।
मुझे साजिश के साथ फंसाया गया
भोपा। गौड़ीय मठ के संचालक भक्ति भूषण गोविंद महाराज ने बताया कि उन्होंने हाल ही में अपने मठ के निकट कुछ भूमि खरीदी है। उसे लेकर भी कुछ लोग उनसे रंजिश रख रहे थे। कुछ लोगों ने मिलकर उनके साथ साजिश रच उन्हें फंसाया है।