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मंडी पुलिस से हटाई सुसाइड प्रकरण की जांच, एसपी क्राइम ने मां के बयान लिए

Mon, 20 Feb 2017 11:47 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
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महिमा की मां के बयान दर्ज करते एसपी क्राइम। - फोटो : अमर उजाला
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महिमा आत्महत्या प्रकरण में जन आक्रोश बढ़ने के बाद एसएसपी ने मामले की जांच नई मंडी कोतवाली से हटाकर क्राइम ब्रांच को सौंप दी है। सोमवार को एसपी क्राइम ने अंकित विहार में मृतका की मां संजू देवी के बयान दर्ज किए। नामजद आरोपियों की सीडीआर भी निकलवाई जा रही है।    
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पिता देवप्रकाश और भाई अक्षय को बंधक बनाने के मामले में महिमा विश्वकर्मा की खुदकुशी के बाद घटना को लेेकर आक्रोश बढ़ा। एसएसपी बबलू कुमार ने बेटी की मौत के बाद मां संजू देवी की तहरीर पर 17 फरवरी को नई मंडी कोतवाली में पचेंडा निवासी युधिष्ठिर, अर्जुन, लछेड़ा निवासी विनोद, डॉ डबास और अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया। झांसी मंडल के ललितपुर में माता टिल्ला डैम पर मृतका का पिता सुपरवाईजर था।

सात फरवरी को लखनऊ दुबग्गा मंडी से मछली बिक्री का साढ़े चार लाख का भुगतान लेकर जाते समय उससे जहरखुरानी गिरोह ने बेहोश कर रकम लूट ली थी। ब्लू रिवोलेशन कंपनी के पार्टनर विनोद पहलवान ने  दस फरवरी को एसएसपी लखनऊ को लूट की तहरीर दी थी। हालांकि उसमें तीन लाख की लूट का जिक्र किया गया था। आरोपियों ने रकम की वसूली के लिए मां-बेटी और अन्य  रिश्तेदारों पर दबाव बना दिया था।
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धमकी मिलने के बाद ग्रेजुएशन की पढाई कर रही छात्रा महिमा ने फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। पूरे प्रकरण में पुलिस की कार्यशैली गैरजिम्मेदाराना रही। मामले को तूल पकड़ता देख एसएसपी ने मामले की जांच क्राइम ब्रांच को सौप दी है। एसपी क्राइम आदित्य वर्मा ने अंकित विहार में पीड़िता के घर जाकर मां संजू देवी और बाबा रामस्वरूप के बयान लिए। मामले के खुलासे के लिए नामजद आरोपियों की सीडीआर निकाली जा रही है। अंकित विहार और आसपास के मार्गों पर दबंगों के धमकाने का सच जानने के लिए सीसीटीवी कैमरे खोज कर रही है। 

अंकित विहार को छोड़ेगा परिवार      
मुजफ्फरनगर। दहशतजदा पीड़ित परिवार अब अंकित विहार में नहीं रहना चाहता है। पिता देव प्रकाश अभी तक नहीं लौटा है। महिमा की मां संजू देवी अकेले संघर्ष कर रही है। अपने बेटों की सुरक्षा के लिए वह यह घर छोड़ने की तैयारी में है। उन्होंने कहा कि उनका पति देव प्रकाश दीवाली से घर नहीं आया था। घर के खर्च के लिए ललितपुर डैम से आठ हजार का जो वेतन मिलता था, वह भी पिछले तीन माह से नहीं भेजा गया। वह जैसे-तैसे बच्चों का पालन-पोषण कर रही है। 
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