मुजफ्फरनगर स्थित दाल मंडी में खरीदारी के दौरान सोशल डिस्टेंस से बेपरवाह दिखे लोग।
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
मुजफ्फरनगर। कोरोना से बचाव का एक ही उपाय है सोशल डिस्टेंसिंग, जिसे लागू करने के लिए सरकार ने देश भर में तीन मई तक लॉकडाउन की घोषणा की है लेकिन लोग हैं कि मानते ही नहीं। सवेरे तीन घंटे की छूट पूरे लॉकडाउन पर भारी पड़ जाती है।
सवेरे छह से नौ बजे तक रोजाना लॉकडाउन में छूट दी जाती है। इस दौरान लोग खरीदारी करने निकलते हैं। नगर की सब्जी मंडी एवं दाल मंडी में भीड़ का यह आलम है कि लॉकडाउन का असर तीन घंटे की छूट में ही धराशायी हो जाता है। शुक्रवार को नगर की दाल मंडी में भीड़ को देखकर लोगों के पसीने छूट गए। आलम यह था कि लोगों के कंधे आपस में टकरा रहे थे। लॉकडाउन के दौरान इतनी भीड़ पहले कभी नजर नहीं आई। दाल मंडी से सटी सब्जी मंडी में भी यही आलम रहा। खरीदारी करने आए राकेश, मोहम्मद इस्माइल एवं सुरेश मलिक ने बताया कि घर के लिए राशन की खरीदारी भी जरूरी है। गली-मोहल्लों की दुकानों पर पर्याप्त सामान नहीं मिल रहा। साथ ही दाम भी ज्यादा हैं। इसलिए मंडी से ही खरीदारी कर रहे हैं।
-----------------
बैंक के बाहर लगी एक किमी लंबी लाइन
मुजफ्फरनगर। खातों में आई धनराशि निकालने के लिए बैंकों में रोजाना भीड़ उमड़ रही है। शुक्रवार को तो रिकार्ड ही टूट गया। गांधी कॉलोनी स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखा के बाहर करीब एक किमी लंबी लाइन लग गई। व्यवस्था बनाने में बैंक स्टॉफ एवं पुलिस के पसीने छूट गए। पुलिस कर्मियों को बाइक से चलकर लाइन लगवानी पड़ी। सवेरे आठ बजे से ही बैंक शाखाओं के बाहर रुपये निकालने जाने वालों का तांता लग जाता है। इनमें सबसे ज्यादा संख्या महिलाओं की रहती है। शुक्रवार को शहर के अधिकांश बैंकों में भीड़ का आलम रहा।