देवबंद (सहारनपुर)। जमीयत उलमा-ए-हिंद के महासचिव की जिम्मेदारी संभाल रहे मौलाना महमूद मदनी को कार्यवाहक अध्यक्ष चुना गया है। यह पद कारी सैयद उस्मान मंसूरपुरी के इंतकाल के बाद रिक्त हुआ है। वहीं मौलाना हकीमुद्दीन कासमी को कार्यवाहक महासचिव बनाया गया है। बृहस्पतिवार को दिल्ली में हुई जमीयत वर्किंग कमेटी की बैठक में आम सहमति से यह निर्णय लिया गया।
जमीयत उलमा-ए-हिंद के सचिव नियाज अहमद फारुकी ने बताया की बृहस्पतिवार को दिल्ली में जमीयत मुख्यालय स्थित मदनी हाल में दारुल उलूम की मजलिस-ए-शूरा के सदस्य मौलाना रहमतुल्ला कश्मीरी की अध्यक्षता में मजलिस-ए-आमला (वर्किंग कमेटी) की बैठक हुई। जिसमें कारी उस्मान के इंतकाल के बाद रिक्त हुए अध्यक्ष पद पर नियुक्ति को लेकर लंबी चर्चा हुई। जिसके उपरांत सभी पदाधिकारियों व सदस्यों की सहमति बनने के बाद संगठन में महासचिव की जिम्मेदारी निभा रहे मौलाना महमूद मदनी को कार्यवाहक राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया, जबकि उनके स्थान पर मौलाना हकीमुद्दीन कासमी को महासचिव बनाया गया। उन्होंने बताया की बैठक में दोनों जमीयतों के एकीकरण के पूर्व के दृष्टिकोण का पुन: समर्थन भी किया गया। गौरतलब है की वर्ष 2008 से जमीयत उलमा-ए-हिंद के अध्यक्ष चले आ रहे कारी मोहम्मद उस्मान मंसूरपुुरी का 21 मई को गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में उपचार के दौरान इंतकाल हो गया था। जिसके बाद से अध्यक्ष पद पर नियुक्ति को लेकर तरह तरह की चर्चाएं चल रही थीं।