फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP: महेंद्र सिंह टिकैत की पुण्यतिथि आज, सिसौली में किसान भवन पर टिकैत बंधुओं ने दी आहुति

Wed, 15 May 2024 11:18 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर

सार

चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत की 13वीं पुण्यतिथि सिसौली के किसान भवन और जिले में अन्य स्थानों पर हवन पूजन का आयोजन किया गया। इस दौरान सिसौली में किसान भवन पर हवन में आहुति दी गई।
विज्ञापन
सिसौली में हवन - फोटो : amarujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

भाकियू के संस्थापक किसान मसीहा चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत की 13वीं पुण्यतिथि सिसौली के किसान भवन और जिले में अन्य स्थानों पर मनाई जा रही है। सिसौली में हवन किया गया। भाकियू  अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत और प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत शामिल हुए।  

विज्ञापन


किसान मसीहा की पुण्यतिथि जल, जंगल, जमीन, पर्यावरण बचाओ संकल्प दिवस के रूप में मनाई जा रही है। भाकियू जिलाध्यक्ष योगेश शर्मा ने बताया कि सुबह आठ बजे हवन शुरू हुआ। दोपहर के समय गोष्ठी होगी। 

इस तरह बनीं और छा गई भाकियू
- वर्ष 1986 में जनता इंटर कॉलेज बड़ौत में पश्चिम के खाप चौधरियों की बैठक। अध्यक्ष पद पर चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत के नाम पर मंथन।
- 17 अक्तूबर 1986 सिसौली में खाप चौधरी और किसानों की बैठक। बालियान खाप के चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत को भाकियू का अध्यक्ष बनाया।
- 17 जनवरी 1987 को सिसौली में मासिक पंचायत। 27 जनवरी को शामली के करमूखेड़ी बिजलीघर पर धरने का फैसला। चार दिन धरना चला।
- 17 फरवरी 1987 को सिसौली में पंचायत। एक मार्च को शामली के करमूखेड़ी बिजलीघर पर महापंचायत का एलान किया।
- एक मार्च 1987 को करमूखेड़ी में महापंचायत, पुलिस की फायरिंग में दो किसानों का बलिदान। यहीं से भाकियू को सुर्खियां मिली।

सिसौली में हवन - फोटो : amarujala
अब तक भाकियू के सबसे बड़े आंदोलन
मेरठ कमिश्ननरी का घेराव: भाकियू ने 27 जनवरी से 19 फरवरी 1988 तक तक लंबा धरना प्रदर्शन किया। टिकैत की पहली बार गिरफ्तारी के प्रयास असफल रहे।
रजबपुर सत्याग्रह: रजबपुर में पांच किसानों की मौत के बाद भाकियू ने छह मार्च 1988 से 23 जून 1988 तक सत्याग्रह किया। जेल भरो आंदोलन किया।
वोट क्लब का धरना: किसानों के मुद्दे पर 25 से 31 अक्तूबर 1988 तक दिल्ली के वोट क्लब पर धरना दिया। देशभर के किसानों का सैलाब उमड़ा।
अलीगढ़ के खैर का आंदोलन : खैर में किसानों के मुद्दे पर भाकियू ने बड़ी पंचायत की। गेहूं और अन्य फसलों का मुद्दा उठाया।
नईमा अपहरण कांड: तीन अगस्त 1989 से 10 अक्तूबर 1989 तक भोपा में आंदोलन। सीकरी की नईमा की बरामदगी के लिए हुआ था आंदोलन।
दिल्ली बॉर्डर पर आंदोलन: संयुक्त किसान मोर्चा के साथ भाकियू प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत आंदोलन का बड़ा चेहरा बनें।
विज्ञापन

भाकियू अराजनैतिक की व्याख्यान माला
भाकियू अराजनैतिक के प्रवक्ता धर्मेंद्र मलिक ने बताया कि बुधवार को श्रीराम कॉलेज के सभागार में कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। बाबा टिकैत की पुण्य तिथि पर व्याख्यान माला भी आयोजित की जाएगी। इसके अलावा संगठन के दो वर्षों के सफर पर उपलब्धियों के साथ साथ कार्यक्रम,नीतियों पर भी चर्चा की जाएगी।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें