फैंथम हाल में ज्योतिबा फूले की जंयती मनाते लोग।
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मुजफ्फरनगर। यूपी बार कौंसिल के पूर्व अध्यक्ष पांचूराम मौर्य ने कहा कि देश में महिलाओं और अनुसूचित जाति को शिक्षा का अधिकार दिलाने का काम महात्मा ज्योतिबा फुले ने किया। वह सामाजिक क्रांति के अग्रदूत थे।
जिला बार संघ में आयोजित विचार गोष्ठी में मौर्य ने कहा कि महात्मा ज्योतिबा राव फुले के संघर्ष का परिणाम है कि आज हमारे देश की बेटियां शिक्षा के क्षेत्र में पुरुषों को भी पछाड़ रही हैं। जिला बार संघ के अध्यक्ष कलीराम ने कहा कि अनुसूचित जाति के लोगों को शिक्षा को अधिकार दिलाने की शुरूआत फुले ने ही की थी। डीएवी कॉलेज के ड्राइंग विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ महावीर सिंह ने कहा कि संसार में शिक्षा के बलशाली कुछ नहीं है। शिक्षा ही है जिसके बल पर एक गरीब का बच्चा जिले का कलेक्टर बन सकता है।
वरिष्ठ अधिवक्ता सुखपाल सिंह सैनी ने कहा कि हमारे देश में किसी भी जाति की महिलाओं को शिक्षा का अधिकार नहीं था। ज्योतिबा फुले ने महाराष्ट्र से इसकी शुरूआत की। जिला बार संघ के महासचिव अरुण शर्मा ने कहा कि हमें उन सभी लोगों का सम्मान करना चाहिए, जिन्होंने समाज को रास्ता दिखाने का काम किया। ब्रजबंधु ने कहा कि ज्योतिबा फुले ने समाज में छुआछूत का विरोध किया। डॉ. महावीर सिंह ने जिला बार संघ के हॉल में यज्ञ का आयोजन किया। यज्ञ में 100 वर्षीय शांति देवी शर्मा भी मौजूद रही। यहां महात्मा ज्योतिबा फुले के चित्र के समक्ष पुष्प भी अर्पित किए गए। कार्यक्रम में ओंकार सिंह तोमर, राजकुमार गर्ग, महक सिंह, कुलदीप, सरदार अली अंसारी, इंद्रजीत, संजीव मौजूद रहे।