खतौली में जैन धर्म के अनुयायिओं ने भगवान महावीर जयंती हर्षोल्लास और आध्यात्मिकता के साथ मनाया गया। नगर में श्रीजी की विशाल शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा का अनेक स्थानों पर स्वागत किया गया।
इंदिरा मूर्ति स्थित उत्सव पांडाल में रविवार तक महा महोत्सव आयोजित किया गया। धर्मसभा में एलाचार्य क्षमा भूषण व मुनि शिवभूषण ने कहा कि भगवान महावीर अपने नाम के अनुरूप ही वर्धमान थे। वे अपनी आत्मा में निरंतर प्रगतिशील थे। उनका उपदेश यही था कि जो नश्वर है, मिटने वाला है, उसे पकड़ने का प्रयास या उसे स्थिर बनाने का प्रयास व्यर्थ है।
रविवार दोपहर को उत्सव पांडाल से श्रीजी की विशाल शोभायात्रा निकाली। शोभायात्रा बड़ा बाजार, गली घंटाघर, जीटी रोड से गुजरते हुए बड़ा बाजार स्थित सराफान जैन मंदिर पहुंची। शोभायात्रा में राजधानी दिल्ली, प. उप्र के प्रसिद्ध बैंड मधुर भक्ति भजन प्रस्तुत कर रहे थे। अखिल भारतीय जैन युवा फाउंडेशन की जिनेंद्र भक्ति विशेष आकर्षण का केंद्र रही।
जानसठ तिराहे पर 108 दीपकों द्वारा श्रद्धालुओं द्वारा श्रीजी की आरती का दृश्य अत्यंत मनोहारी थी। शोभायात्रा का अनेक स्थानों पर समाजसेवी संस्थाओं द्वारा स्वागत किया गया। शोभायात्रा में सबसे पीछे रथ में श्रीजी, बीच में अश्व रथ में यंत्रजी व सबसे आगे गजरथ में जिनवाणी जी विराजमान थी।
शोभायात्रा में योगेश सर्राफ, अरुण, मुकुल, शीलचंद, सुशील, प्रमोद, नवीन, राजीव, अतुल, देवेंद्र, विनोद, अजय, रजनी प्रवक्ता, कुलदीप, अनिल, सुनील चंद, सतेंद्र, शोभा, मीनाक्षी, डोली, अंजना, कविता, सुधा, आशा, मृदुला, अंजली, करुणा, डॉ. ज्योति, प्रवक्ता नीरज जैन, रामकुमार, मुकेश एडवोकेट, राजीव मुखिया, सुधीर मुखिया, पतेंद्र, अकलंक, आदीश प्रवक्ता आदि शामिल रहे।
हर धर्म की शुरुआत अहिंसा से हुई
मुजफ्फरनगर। नई मंडी के जैन स्थानक में विराजमान गुरु देव संघ संचालक नरेश मुनि जी महाराज ने कहा कि हम सहनशील बने और अपनी-अपनी कौम की शुद्धता कायम रखें।
मेहता क्लब में हुए जयंती समारोह में महाराज जी ने कहा कि सभी धर्मों की शुरुआत अहिंसा से हुई है। रहमान जो अल्लाह कहता है, जो किसी की आह नहीं लेता है।
इसी प्रकार सिख धर्म में भी अहिंसा को सर्वोच्च माना गया है। जैन ग्रंथ के साथ कुरान पढ़े, गुरु ग्रंथ और गहराई से समझेंगे तो सद्ज्ञान की प्राप्ती होगी। उन्होंने कहा कि उस समय हिंसा का बोलबाला और नारियों को पैरों की जूती समझा जाता था। छुआछूत की बीमारी थी। इसी दौर में भगवान महावीर सूर्य बनकर आए और अनेकों बीमारियों को दूर किया। सहयोग का भाव जगाया। धर्म सभा में विधायक कपिल देव अग्रवाल, मनमोहन, राजीव जैन, पंकज जैन, दीपक जैन, रविंद्र जैन, राजेश जैन, अभिनव जैन आदि मौजूद रहे।