वह विदाई के बाद अपने भाई कृष्णा के साथ ससुराल आई थी। रात में सभी सो गए थे। दोनों भाई-बहन सुबह के समय घर में नहीं मिले थे। घर में रखे जेवर व नगदी, मोबाइल व सामान गायब था। यह सूचना पुलिस को दी थी तब निक्की व उसके भाई कृष्णा के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर पुलिस जांच कर रही थी। अब दुल्हन निक्की उर्फ ऊषा सहित इस गिरोह के सात सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। निक्की बनकर शादी की थी। जबकि असली नाम ऊषा है।
पांच शादी कर चुकी है निक्की
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार निक्की अब तक पांच शादी कर चुकी है और ससुराल पहुंच कर पहली ही रात में घर का सामान समेट कर भाग जाती थी। इस कार्य में सभी सदस्य अपनी पूरी भूमिका निभाते थे। कोई मां तो कोई पिता, भाई , मौसी आदि रिश्तेदार बनकर शादी में शामिल होते थे। इसके बाद चोरी के माल को आपस में बांट लेते थे।
इनकी हुई गिरफ्तारी
- निक्की पुत्री कुलदीप सिंह, निवासी हाथी खाना किच्छा, थाना किच्छा, जनपद ऊधम सिंह नगर उत्तराखंड।
- आशा पत्नी कुलदीप सिंह , निवासी कसबा व थाना किच्छा जनपद ऊधमसिंह नगर उत्तराखंड।
- ओमवती पत्नी नेत्रपाल, निवासी लालपुर थाना किच्छा, जनपद ऊधमसिंह नगर उत्तराखंड।
- कृष्णा उर्फ भूरे पुत्र नन्हे, निवासी कसबा व थाना किच्छा जनपद ऊधमसिंह नगर उत्तराखंड मूल पता सैरों वाली डंडिया थाना बहड़ी जनपद बरेली।
- नन्हे पुत्र नत्थू हाल निवासी, कसबा व थाना किच्छा जनपद ऊधमसिंह नगर उत्तराखंड मूल पता सैरों वाली डण्डिया थाना बहड़ी जनपद बरेली।
- इरशाद पुत्र इंतजार निवासी, कसबा व मूल पता सैरों वाली डंडिया थाना बहड़ी जनपद बरेली।
- कविता उर्फ सविता पुत्री जुम्मा निवासी ग्राम बुड़ीना कलां थाना तितावी, मुजफ्फरनगर।
नानी बसाना चाहती थी धेवते का घर, हो गया धोखा
तितावी के गांव खेड़ी दूदाधारी निवासी पीड़िता बादल की नानी बिमलेश शहर कोतवाली क्षेत्र में बुढ़ाना मोड़ पर रहती थी। उनके पास तितावी के गांव बुड़ीना कलां निवासी कविता का आना-जाना था।
कविता ने उनसे कहा था कि वह किसी की भी शादी करा सकती है। इसके बाद बिमलेश ने अपने धेवते बादल की शादी का प्रस्ताव रखा। कविता ने बादल व अपनी परिचित निक्की उर्फ उषा के फोटो का आदान-प्रदान कराया। कविता के घर बीस फरवरी को अंगूठी की रस्म की गई। शादी तय हो गई।
निक्की उर्फ ऊषा को बहू मानते हुए परिजनों ने उत्तराखंड पहुंच कर दो लाख रुपये सामान व जेवरात के लिए दिए। दस हजार रुपये निक्की के फोन पे किए गए। इसके बाद एक मार्च को शादी कराई गई।
इसके बाद सोची समझी साजिश के तहत घर से सामान, जेवर आदि चोरी कर लिए गए। पहले तो पीड़ित पक्ष निक्की आदि को तलाशता रहा, जब कोई नहीं मिला तो पांच मार्च को तितावी थाने में मुकदमा दर्ज करा दिया गया।
यह बने थे रिश्तेदार
निक्की को बहू बनाया गया था। गिरफ्तार आशा मां, कृष्णा उर्फ भूरे भाई, कविता उर्फ सविता बिचौलिया, ओमवती मौसी, नन्हे ने ताऊ की भूमिका निभाई थी।
अब से पहले भी हुई घटनाएं
डेढ़ साल पूर्व सिखेड़ा में इसी प्रकार दुल्हन रात में परिजनों को नशीला पदार्थ पिलाकर माल लेकर फरार हो गई थी।